बिलासपुर। हाईकोर्ट ने ओडिशा व छत्तीसगढ़ पुलिस को अगस्त 2017 से गायब नाबालिग किशोरी व उसके अपहरण करने के संदेही को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। गायब किशोरी के पिता ने हाईकोर्ट मे बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है।

महासंमुद जिला के ओडिशा सीमा के गांव में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी अगस्त 2017 से गायब हो गई। किशोरी के साथ गांव का सुनील बारिक भी गायब है। परिवार वालों ने सुनील पर अपहरण कर ले जाने की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद भी किशोरी की तलाश नहीं करने पर पिता ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। इसमें आरोपी द्वारा अपहरण कर किशोरी को कहीं बेचने या कोई अनहोनी किए जाने की आशंंका व्यक्त की गई है।

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने महासमुंद एसपी को नोटिस जारी कर संदेही को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। मामले को सुनवाई के लिए मंगलवार को सीजे की खंडपीठ में रखा गया। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से जवाब पेश कर बताया गया कि गायब किशोरी व संदेही ओडिशा सीमा के गांव से गायब है। छत्तीसगढ़ में उनके होने की सभी संभावित स्थान में तलाश की गई है। इस मामले में उनके ओडिशा में होने की संभावना को देखते हुए हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा पुलिस को भी गायब किशोरी व संदेही सुनील का तलाश कर दो सप्ताह के अंदर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।