बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बहतराई स्थित राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र के एस्ट्रोटर्फ मैदान में चल रही नौवीं राष्ट्रीय सब जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में बुधवार को तीसरा दिन रहा। इस दौरान पांच मैच खेले गए, जिसमें हॉकी मध्यभारत, हॉकी हिम, हॉकी उत्तराखंड, सिटीजन इलेवन दिल्ली, आंध्रा हॉकी एसोसिएशन को जीत मिली। वहीं जम्मू एंड कश्मीर, हॉकी पुडूचेरी, हॉकी तेलंगाना, हॉकी कुर्ग और हॉकी मिजोरम के हाथ निराशा लगी।

पहला मैच हॉकी मध्यभारत और जम्मू एंड कश्मीर के बीच खेला गया। इसमें हॉकी मध्यभारत ने जम्मू एंड कश्मीर को एक-शून्य से पराजित किया। इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में मध्यभारत को कप्तान इरबाज खान की कप्तानी पारी से मैच के अंतिम क्षणों में जीत मिली। मैच में दोनों ही टीमें एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती रही। जिससे मैच मध्यांतर तक दोनों ही टीमें एक भी गोल नहीं कर सकी और शून्य-शून्य का स्कोर रहा। दर्शक भी इस मैच को देखकर काफी रोमांचित हो रहे थे, लेकिन मध्यांतर के बाद हॉकी मध्यभारत के कप्तान इरबाज खान ने बेहतर खेल नीति का प्रदर्शन करते हुए गोल किया। वहीं जम्मू एंड कश्मीर मैच के अंत तक गोल के लिए संघर्ष करती रही।

00 सिटीजन इलेवन दिल्ली ने 6-1 से जीता मैच

दूसरा मैच सिटीजन इलेवन दिल्ली और हॉकी पुडूचेरी के बीच खेला गया। सिटीजन इलेवन दिल्ली ने बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। दिल्ली के अभिनंदन भारद्वाज और सचिन गोलकर ने अपनी टीम को जीत दिलाई। वहीं पुडूचेरी की ओर से मैच के 37वें मिनट में मात्र एक गोल ही हो सका। इस मैच में दिल्ली की ओर से मैच के 15वें, 19वें, 31वें, 41वें, 49वें और 57वें मिनट गोल हुआ। वहीं पुडूचेरी की ओर मैच के 37वें मिनट में एस.गुरमित को एक गोल करने में सफलता मिली और अंत तक टीम की ओर से दूसरा गोल नहीं हो सका।

00 नीरज के चार गोल की बदौलत हॉकी हिम को मिली जीत

टूर्नामेंट का तीसरा मैच हॉकी तेलंगाना और हॉकी हिम के बीच खेला गया। इस मैच के हीरो रहे हिम के नीरज कुमार। टीम ने जहां नौ गोल दागे। उसमें अकेले नीरज कुमार ने लगातार चार गोल किए। नीरज के साथ ही जावेद अंसारी, विपुल सैनी, सागर नंदा ने भी गोल कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। इससे हॉकी हिम ने हॉकी तेलंगाना को नौ-शून्य से एकतरफा मुकाबले में मात दी। इस मैच में हॉकी हिम की ओर से मैच के सातवें, नौवें, 10वें, 13वें, 51वें, 55वें और 57वें मिनट में गोल हुआ। ये मैच एकतरफा रहा और हॉकी हिम की ओर रिकार्ड नौ गोल हुए वहीं हॉकी तेलंगाना की ओर से एक भी गोल नहीं हो सका।

00उत्तराखंड ने चार-एक से मैच जीता

टूर्नामेंट का चौथा मैच हॉकी उत्तराखंड और हॉकी कुर्ग के मध्य खेला गया। इसमें उत्तराखंड से हॉकी कुर्ग को चार-एक से मात देकर जीत दर्ज की। उत्तराखंड की टीम ने अपने बेहतर खेल का प्रदर्शन किया।

00 आंध्रा हॉकी एसोसिएशन को मिली जीत

टूर्नामेंट का पांचवा मैच आंध्रा हॉकी एसोसिएशन और हॉकी मिजोरम के बीच खेला गया। इसमें आंध्रा हॉकी एसोसिएशन ने हॉकी मिजोरम को चार-एक से हराया। इस मैच में मिजोरम की टीम मैच के अंत तक एक गोल से आगे अपना स्कोर नहीं बढ़ा सकी और हार का सामना करना पड़ा।

00 इनका रहा सहयोग

अटल श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, रोहित वाजपेयी, विवेक वाजपेयी, फिरोज अंसारी, अमिताभ मानिकपुरी, रवि पारिक, जावेद अली, धनीराम यादव का सहयोग रहा।

00 आज होंगे पांच मैच

प्रतियोगिता के चौथे दिन गुरुवार को पांच मैच होंगे। इसमें पहलाछत्तीसगढ़ हॉकी और हॉकी मध्यभारत के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच हॉकी मध्यप्रदेश और हॉकी गुजरात, तीसरा मैच हॉकी हिमाचल और बंगाल हॉकी एसोसिएशन के बीच होगा। टूर्नामेंट का चौथा मैच स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात और गौन्स हॉकी का होगा। अंतिम व पांचवां मैच मुंबई हॉकी एसोसिएशन और हॉकी पटियाला के बीच खेला जाएगा।

बड़े भाई से मिली प्रेरणा से हॉकी को अपनाया

मैदान में सीनियर खिलाड़ी अपनी टीम का हौसला बढ़ा रहे हैं। इसी में छत्तीसगढ़ के सीनियर खिलाड़ी रोहित रजक हैं जो मैदान में उपस्थित होकर खेल के हर पहलुओं से अपनी टीम को अवगत कराते हैं और सभी में हिम्मत भरते हैं। उन्होंने अपने बड़े भाई से मिली प्रेरणा से हॉकी को अपनाया और नेशनल स्तर तक अपने खेल से पहचान बनाई। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई हॉकी खेलते थे। उन्होंने अपने भाई और उनके दोस्तों को मैदान में हॉकी खेलते देख खेलना शुरू किया। साथ ही राजनांदगांव साई हॉस्टल में भी रहकर खेल की बारीकियों को सीखने का अवसर मिला। उन्होंने वर्ष 2010 से खेल प्रारंभ किया और वर्ष 2011 में हरियाणा में सबजूनियर में हिस्सा लिया। इसके बाद वर्ष 2012 से 2014 तक उत्तरप्रदेश, सोनीपत व चेन्नई में जूनियर वर्ग में खेला। वहीं वर्ष 2016 से लेकर 2019 तक सेफाई उत्तरप्रदेश, इम्फाल, चेन्नई में सीनियर नेशनल खेला। उनका सपना अब देश के लिए खेलने का है और इसे पूरा करने कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं।

00 पिता ने कोच बन थमाई स्टिक, धनुष ने रखा मान

कुर्ग के खिलाड़ी धनुष फर्स्ट स्टैंडर्ड से हॉकी खेल रहे हैं। उनके पिता को हॉकी से बेहद लगाव था और इसी खेल प्रेम की वजह से उन्होंने अपने बेटे को बेहतर हॉकी खिलाड़ी बनने हॉकी स्टिक थमाई और कोच बनकर बेटे के खेल कॅरियर को संवारने आगे आए। वहीं धनुष ने भी उनका मान रखा और राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता हॉकी खेलते थे, लेकिन वे बड़े प्लेयर नहीं बन सके। उन्होंने फिर उनके खेल को तराशने के लिए मेहनत की। इसका परिणाम है कि आज वह राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे हैं। आगे भी हॉकी की यात्रा जारी रहेगी।

00 दोस्तों से मिली उपहार के रूप में हॉकी

उत्तराखंड के ललित नेगी का कहना है कि पिछले पांच सालों से राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल रहा हूं। दोस्तों से उपहार में मिली हॉकी और प्रेरणा से ही यह संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त हॉकी खेला करते थे और ऐसे में हमेशा ही उनके साथ मैदान में जाना होता था। दोस्तों को हॉकी खेलते देख हॉकी को अपनाने आगे आए और उनकी प्रेरणा से खेल कॅरियर शुरू हुआ। उन्होंने आज तक इम्फाल, बेंगलुरु, असम और छत्तीसगढ़ में हुए नेशनल टूर्नामेंट का हिस्सा बन अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया है।