बिलासपुर। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मासूम विराट को मुक्त कराने के लिए आधी रात एसपी ने ऑपरेशन चलाया। इसके लिए उन्होंने 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को लाइन से रिवाल्वर मुहैया कराई। अपराधियों के लोकशन ट्रेस होने के बाद पुलिस ने सिविल लाइन एरिया को सील कर दिया। फिर जरहभाठा मिनी बस्ती के पन्नानगर स्थित उस मकान में दबिश दी, जहां विराट को अपहरणकर्ताओं ने छिपा रखा था। इस पूरे ऑपरेशन में सौभाग्य की बात यह थी कि विराट सबसे पहले एसपी के हाथ लगा और विराट के हाथ आते ही अपहरणकर्ता पर रिवाल्वर तान दिया। पुलिस टीम ने दरवाजे को तोड़कर कर अंदर दाखिल हुई। पुलिस ने बिहार के 3 आरोपी को हिरासत में लिया है।

बीते 4 दिनों के बाद करबला निवासी बर्तन व्यापारी विवेक सराफ के पुत्र विराट को शुक्रवार की तड़के आखिरकार पुलिस ने बरामद कर ही लिया। विराट की बरामदगी के बाद पड़ताल में पता चला कि उसके अपहरण के बाद पुलिस की टेक्निकल टीम लगातार विराट की खोजबीन में लगी थी। इसके बाद भी कामयाबी हाथ नही लग रही थी।

इस बीच गुरुवार की रात पुलिस की टेक्निकल टीम को अहम सुराग मिला। फिर शहर को सील कर एक बार फिर पुलिस की टीम ने विराट तक पहुंचने का भरसक प्रयास किया। इससे पहले सिरगिट्टी तिफरा के एंड्रस्ट्रीयल एरिया में दबिश देकर दो अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया और फिर मिनी बस्ती के उस मकान तक पहुंच गई, जहां अपहरणकर्ताओं ने उसे अपने चंगुल में रखा था।

पुलिसकर्मी इधर-उधर होकर विराट को खोजने लग गए। अपहरणकर्ताओं को हिरासत में लेकर उक्त मकान के सभी कमरों की तलाशी ली गई। इस बीच सबसे पहले विराट पर जिले के पुलिस कप्तान अभिषेक मीणा की नजर पड़ी और उन्होंने उसे अपनी गोद मे उठा लिया, जिसके बाद तो पुलिस टीम का खुशी का ठिकाना नहीं था।

तीन अपहरणकर्ता हिरासत में पूछताछ जारी

मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस ने बिहार के तीन अपहरणकर्ताओं को हिरासत में लिया है। पुलिस को अनुमान है कि विराट के अपहरण में और भी लोग शामिल है। सूत्रों की माने तो विराट की वापसी के लिए अपहरणकर्ताओं ने उसके परिजनों से मोटी रकम लेने के फिराक में थे।

पुलिस को जो इनपुट मिल रहा है, उसमें फिरौती की रकम करीब 5 करोड़ के आसपास की थी। फिलहाल अभी पुलिस ने कुछ भी क्लियर नही किया है और आरोपियों से पूछताछ लगी है। जल्द ही पुलिस मामले का खुलासा करेंगी।