बिलासपुर। पुलिस ने पहली बार नशीली दवा के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। नशीली दवा के बड़े सौदागर मेडिकल स्टोर की आड़ में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित कोडिन सीरप की सप्लाई करते हैं। पुलिस ने नशीली दवा के कारोबार करने वाले भाजपा-कांग्रेस नेता के रिश्तेदार समेत चार सौदागरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 55 कार्टून कोडिन सीरप के साथ ही अरटिगा कार जब्त हुई है। नशीली दवा की कीमत दस लाख रुपये बताई जा रही है।

एसपी अभिषेक मीणा ने बिलासागुड़ी में नशीली दवा के सौदागरों का राज खोला। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि शहर व आसपास के इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नशीली दवा की बिक्री हो रही थी। इसके लिए उन्होंने थानों की टीम को अभियान चलाकर कार्रवाई करने कहा था।

सिविल लाइन टीआइ कलीम बड़े सौदागरों की पतासाजी में जुटे हुए थे। इस सिलसिले में उनकी टीम ने जरहाभाठा मिनी बस्ती निवासी संजय भास्कर पिता भानूप्रताप भास्कर (30) को पकड़कर पूछताछ की। वह पिछले पांच-ठह महीने से नशीली दवा का कारोबार कर रहा था।

उसके पास से पुलिस ने 24 शीशी कोडिन सीरप जब्त किया। पूछताछ में उसने बिल्हा क्षेत्र के दगौरी निवासी इंद्रजीत कौशिक पिता नंदकुमार कौशिक के संबंध में जानकारी दी। उसने बताया कि इंद्रजीत एरिया सप्लायर है जो उसे नशीली दवा उपलब्ध कराता है। इस दौरान पुलिस ने इंद्रजीत की जानकारी जुटाई।

फिर टीआइ खान ने संजय भास्कर की निशानदेही पर दगौरी में इंद्रजीत के यहां दबिश दी। उसके घर से पुलिस ने 20 कार्टून कोडिन सीरप बरामद किया। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवा जब्त करने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। फिर बेलतरा के विक्की जायसवाल पिता अश्वनी जायसवाल का नाम सामने आया।

वह मेडिकल स्टोर की आड़ में रायपुर से प्रतिबंधित नशीली दवा मंगाता है और दो साल से नशीली दवाओं का सप्लाई कर रहा है। इस पर पुलिस ने उसे भी पकड़ने की योजना बनाई। पुलिस की टीम रात में बेलतरा पहुंची, तब विक्की जायसवाल के घर के सामने अरटिगा कार क्रमांक सीजी 10 डब्ल्यू 3422 खड़ी थी। उसकी तलाशी लेने पर 10 कार्टून कोडिन सीरप बरामद हुआ।

कार में सवार चालक मनीष राजपूत पिता छत्रपाल राजपूत ने बताया कि वह माल डिलीवरी करने बिलासपुर जाने वाला था। उसके पास भी नशीली दवा का बिल व रसीद नहीं थे। उसे पकड़कर पुलिस ने विक्की जायसवाल पिता अश्वनी जायसवाल को बुलाकर उसका मेडिकल स्टोर खुलवाकर जांच की।

मेडिकल स्टोर में 10 पेटी कोडिनयुक्त सीरप के साथ ही चार सौ एविल इंजेक्शन का पावडर जब्त किया गया। उसके पास भी दवाओं का बिल व रसीद नहीं थे। पुलिस ने अरटिगा कार को भी जब्त कर लिया। वहीं सभी आरोपितों को पकड़कर थाने लाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

नाबालिग बच्चों को नशे की लत लगाने चल रहा है गोरखधंधा

नशीली दवा का अवैध कारोबार शहर की निचली बस्तियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है। नशीली दवा की लत डालकर छात्रों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। किशोरवय इसकी लत में आसानी से पड़ जाते हैं। दरअसल इस तरह की नशीली दवा को लेने से उनके अभिभावकों को शुरुआत में भनक तक नहीं लगती। उन्हें जब तक इसका पता चलता है तब तक छात्र उसके आदी हो चुके रहते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया किनारा, एसपी की हुई तारीफ

बेलतरा निवासी विक्की जायसवाल कांग्रेस नेता का रिश्तेदार है। लिहाजा उसे छुड़ाने के लिए कांग्रेस नेता सक्रिय हो गए थे। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएम बाबा से हस्तक्षेप कर पुलिस कार्रवाई रोकने की आग्रह किया। लेकिन उन्होंने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया।

उनका कहना था कि प्रदेश के स्वास्थ्य और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। चाहे वह हमारा कार्यकर्ता क्यों न हों। स्वास्य मंत्री बाबा ने प्रदेश में हुई इस बड़ी कार्रवाई के लिए एसपी अभिषेक मीणा की तारीफ भी की। उन्होंने इस तरह से प्रतिबंधित व नशीली दवा पर रोक लगाने प्रदेश स्तरीय कार्रवाई कराने की बात भी कही है।

लाइसेंस निरस्त करने के बाद भी चला रहा था अवैध कारोबार

बेलतरा निवासी विक्की जायसवाल के बेलतरा के मेडिकल स्टोर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बंद कर दिया है और उसका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया है। इस बीच उसने अपना दूसरा संस्थान सरकंडा के अशोक नगर में राहुल इंटरप्राइजेस शुरू कर दिया। इस बीच वह सरकंडा के अशोकनगर स्थित दुकान की आड़ में अवैध कारोबार संचालित करता रहा। पुलिस ने उसके बेलतरा स्थित मेडिकल स्टोर में दबिश देकर प्रतिबंधित नशीली दवा को जब्त किया है।

भाजपा नेता ने भी किया हस्तक्षेप, रिश्तेदार को छोड़ने लगाई गुहार

दगौरी निवासी इंद्रजीत कौशिक जिले के कद्दावर भाजपा नेता का रिश्तेदार है। उसके पकड़े जाने की खबर के बाद परिजन उसे छुड़ाने के लिए रिश्तेदार नेता के पास पहुंच गए। इस पर उन्होंने आइजी प्रदीप गुप्ता से संपर्क किया और इंद्रजीत को घर का बच्चा बताकर छोड़ने की बात कही। इस पर आइजी ने दो टूक कह दिया कि नशीली दवा के अवैध कारोबार का मामला है और यह कार्रवाई सार्वजनिक हो चुकी है। ऐसे में किसी को छोड़ना उचित नहीं है।

अमीर बनने का लालच में फंस गया फार्मेसी छात्र

आरोपित इंद्रजीत फार्मेसी की पढ़ाई की है। उसके पिता भी बीएएमएस डॉक्टर हैं। फार्मेसी छात्र होने के कारण उसे दवा की पूरी जानकारी थी। मेडिकल व्यावसाय के साथ वह जल्दी अमीर बनने के लालच में पड़ गया और नशीली दवा बेचने लग गया। शुरुआत में वह गांव के बच्चों को कोडिन सीरप बेचता था। बिक्री बढ़ने पर वह आसपास के गांवों में भी सप्लाई करने लगा।

120 रुपये में बेचता है 60 रुपये की कोडिन

पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि कोडिन की एक बॉटल को 60 रुपये में खरीदकर दोगुनी कीमत 120 रुपये में बिक्री करते हैं। डबल कमाई के एवज में सप्लायर एक दिन में दो से तीन कार्टून कोडिन खपाते थे। शहर की निचली बस्तियों के नाबालिग बच्चों को इसकी लत लगाई जा रही है जो घातक है।