बिलासपुर। पुरुष नसबंदी पखवाड़े के पहले दिन सोमवार को दो ब्लॉक में सिर्फ पांच लोगों का ही ऑपरेशन हो पाया। इसे देखते हुए सीएमओ ने मस्तूरी व कोटा ब्लॉक के 114 स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार के निर्देश में तीन से 10 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत सोमवार को मस्तूरी व कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई। इस दौरान मस्तूरी में तीन और कोटा में दो पुरुष की ही नसबंदी हो पाई।

कम संख्या में नसबंदी होने से जिम्मेदार अधिकारी सकते में आ गए हैं। ब्लॉक स्तर पर हर स्वास्थ्य कार्यकर्ता को दो-दो व्यक्ति की नसबंदी कराने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग अभियान की असफलता के उन्हें भी जिम्मेदार मान रहा है। सीएमएचओ ने मस्तूरी के 60 और कोटा के 54 स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। इसमें पूछा गया है कि इतनी कम नसबंदी क्यों हुई। क्या फील्ड में संपर्क नहीं किया गया है।

पूरा करना होगा लक्षय

सीएमएचओ डॉ. बीबी बोर्डे ने नोटिस में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को साफ किया है कि दी गई जिम्मेदारी को हर हाल में पूरा करना होगा। सभी कार्यकर्ता फील्ड में निकलें और दो-दो पुरुषों को नसबंदी के लिए तैयार करें। इससे स्वास्थ्य कार्यकर्ता सकते में आ गए हैं।

अब भी नसबंदी कांड की दहशत

नसबंदी ऑपरेशन के संचालन की जिम्मेदारी एनएसबीटी (नसबंदी विशेषज्ञ) डॉ. पीके साव को दी गई है। फिर भी नसबंदी कांड की दहशत इतनी है कि लोग तैयार नहीं हो रहे हैं। इधर अधिकारियों को यह समझ नहीं आ रहा है कि वे लोगों को कैसे राजी करें।

अब यहां लगाया जाएगा शिविर

अब छह व आठ दिसंबर को नसबंदी शिविर लगाया जाएगा। इसमें गौरेला, मरवाही, पेंड्रा, बिल्हा, तखतपुर ब्लॉक शामिल है। वहीं 10 दिसंबर को समापन पर शहर में विभिन्न स्थानों में शिविर लगाए जाएंगे।

- कम नसबंदी होने पर मस्तूरी व कोटा ब्लॉक के 114 स्वास्थ्य कार्यकर्ता को नोटिस दिया गया है। हर कार्यकर्ता को दो नसबंदी कराने का लक्ष्य पूरा करना होगा। - डॉ. सुजय मुखर्जी, नोडल अधिकारी, नसबंदी पखवाड़ा