बिलासपुर। बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने नक्सली पोडियाम पंडा को उसकी पत्नी से मिलाया गया। 15 मिनट तक पति-पत्नी और बच्चों के बीच आपस में बात हुई। इस बीच पुलिस को दूर रखा गया।

याचिकाकर्ता मुये पोडियाम ने अपनी याचिका में कहा है कि तीन मई से पति पोडियाम लापता है। स्थानीय पुलिस थाना के अलावा पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक से लापता के संबंध में शिकायत करने के बाद आला अधिकारियों ने जानकारी दी कि उसके पति ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

याचिका के अनुसार पुलिस ने उसके पति के खिलाफ 19 गंभीर मामलों में शामिल होने आरोप लगाया है। ताड़मेटला,चिंतलनार नक्सली हमला के अलावा 17 अन्य मामलों में पुलिस जवानों की हत्या का आरोप है। याचिका के अनुसार उसके पति ग्राम पंचायत चिंतागुफा का पूर्व सरपंच है। तीन कार्यकाल वह सरपंच रहा।

वर्तमान में याचिकाकर्ता सरपंच है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि उनके पति हमेशा से ही पुलिस वालों की मदद करते रहे हैं। पुलिस की मददगार होने के बाद आला अफसरों के इशारे पर झूठा आरोप मढ़ दिया है व उसे धुर नक्सली बताया जा रहा है।

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने बस्तर आईजी को नोटिस जारी कर पोडियाम को कोर्ट के समक्ष पेश करने फरमान जारी किया था। डिवीजन बेंच के निर्देश पर सोमवार को पुलिस ने नक्सली पोडियाम को कोर्ट के समक्ष पेश किया।

पोडियाम ने डिवीजन बेंच के समक्ष बयान दिया कि उसने खुद पुलिस के समक्ष आत्समर्पण कर दिया है। उसने यह भी खुलासा किया कि नक्सलियों से मारे जाने का डर है। लिहाजा वह पुलिस सुरक्षा में रहना चाहता है। बयान के आधार पर डिवीजन बेंच ने उसे पुलिस के हवाले करते हुए याचिका को निराकृत कर दिया है।

इसी बीच याचिकाकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से पति से मुलाकात की गुहार लगाई। कोर्ट ने पत्नी और बच्चों को पोडियाम से मिलने की इजाजत दे दी ।

पत्नी ने किया खुलासा,पुलिस दबाव में पति ने दिया बयान

पत्नी मुये ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान खुलासा किया कि 15 मिनट की बातचीत के दौरान पति ने कहा कि उसके सामने मजबूरी है। पुलिस के दबाव में उसने कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने की बात कही है। पुलिस जैसा कह रही है उसे वैसा ही करना पड़ेगा।

पुलिस कराती रही बात

मुये ने यह भी खुलासा किया कि जब उसने हाईकोर्ट में पति की खोजबीन के लिए बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की और डिवीजन बेंच ने पति को कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा फोन कर उसकी पति से बात कराई जाती थी। यह बताने के लिए वह पुलिस के संरक्षण में है।

पूर्व विधायक कुुंजाम भी पहुंचे

याचिककर्ता पत्रकारों के समक्ष स्थानीय बोली में बात कर रही थी। उनके साथ पूर्व विधायक मनीष कुंजाम व पीयूसीएल के डॉ लाखन सिंह आए थे। पूर्व विधायक श्री कुंजाम ने मुये पोडियाम के हवाले से पति पत्नी के बीच कोर्ट रूम में हुई बातचीत का खुलासा किया। याचिकाकर्ता ने बस्तर पुलिस पर उसके पति को जबरिया झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है।