Naidunia
    Tuesday, February 20, 2018
    PreviousNext

    बाल वैज्ञानिकों के 'मोक्षा' अविष्कार पर नोबल प्राइज समिति की नजर

    Published: Wed, 14 Feb 2018 10:16 AM (IST) | Updated: Wed, 14 Feb 2018 07:50 PM (IST)
    By: Editorial Team
    moksha invention 14 02 2018

    बिलासपुर । मोक्षा मॉडल के कारण शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर का नाम नोबल पुरस्कार समिति के दस्तावेजों में दर्ज हो गया है। यहां के चार बाल वैज्ञानिकों ने कमाल कर दिया है। शिक्षक डॉ. धनंजय पांडेय की अगुवाई में बाल वैज्ञानिकों ने मोक्षा का आविष्कार किया है।

    नोबल पुरस्कार समिति की नजर मोक्षा पर पड़ी है। समिति के चेयरमैन चार्ल्स हेडिन के नेतृत्व में समिति के तीन सदस्यों ने बाल वैज्ञानिकों से अविष्कार की जानकारी ली। नीति आयोग के बैनर तले गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक डॉ. पांडेय के नेतृत्व में ग्यारहवीं कक्षा के छात्र अतुल अग्रवाल, योगेश मानिकपुरी व शुभम यादव ने पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने व चिता की राख से अरपा नदी के पानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक साथ दो आविष्कार किया।

    मोक्षा बनाने के साथ ही मोक्षा रोबोट बनाया है। मोक्षा चिता की राख को शोधित करने का काम करता है। मोक्षा में एक विशेष प्रकार का बाक्स बनाया गया है। इसी बाक्स में चिता की राख को भर दिया जाता है। राख भरने के बाद ऊपर से पानी भर दिया जाता है।

    इसके बाद इसे चालू कर दिया जाता है। करीब आधा घंटे में मोक्षा चिता की राख जिसमें सल्फर की अधिकता होती है उसे शोधित कर देता है। इस राख का उपयोग खाद के रूप में किया जा रहा है। आमतौर पर रासायनिक खाद के बजाय इसके उपयोग से पेड़-पौधों में तीन से चार गुना ग्रोथ ज्यादा आ रहा है। यह भी किसी चमत्कार से कम नहीं है।

    मोक्षा के जरिए जैविक खेती की ओर किसानों का स्र्झान बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। शहर की गंदगी से नदी के तहलटी में जमे गाद की सफाई करने में मोक्षा रोबोट काफी मददगार साबित हो रहा है।

    वैज्ञानिकों का मानना है कि गंगा सहित अन्य नदियों की सफाई में यह कारगर साबित हो सकता है। बहुआयमी आविष्कार के कारण मोक्षा का चयन अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश की तरफ से प्रतिनिधित्व करने नीति आयोग ने नामित किया है। दुबई में होने वाली प्रतियोगिता में मोक्षा एक बार फिर टॉप 20 आविष्कारों में शामिल होकर अन्य शहरों के प्रोजेक्ट को एक बार फिर चुनौती देगा।

    जमकर सराही गई प्रतिभा

    गोवा में तीन दिनों तक इंटनेशनल इनोवेशन कांफ्रेंस में नीति आयोग ने देशभर के 23 चुनिंदा संस्थानों को पंजीकृत किया था। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा व उत्तरप्रदेश से एकमात्र हायर सेकेंडरी स्कूल के इस प्रोजेक्ट को शामिल किया गया था। नोबल पुरस्कार समिति के चेयरमैन चार्ल्स हेडिन, फ्रांस की नोबल पुरस्कार विजेता हार्टस्, अमेरिका के नोबल प्राइजर रार्बट्सन के समक्ष मोक्षा का प्रदर्शन किया गया।

    - गोवा में नोबल पुरस्कार समिति के सामने हमने मोक्षा को लेकर प्रेजेंनटेशन दिया है। हमने मोक्षा को मूव करके व राख के शोधन के अलावा नदी के तलहट की साफ-सफाई का सिस्टम भी बताया। नोबल समिति ने हमारे प्रोजेक्ट को काफी सराहा है। - योगेश मानिकपुरी, मोक्षा आविष्कार टीम के छात्र

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें