बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सिविल सर्जन ने मातृ-शिशु अस्पताल में अलग से अस्पताल अधीक्षक रखने की मांग की है। इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

मौजूदा स्थिति में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को ही मातृ-शिशु अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अस्पताल का सेटअप अलग है। ऐसे में दोनों की जिम्मेदारी संभालने से कठिनाई होती है। सिविल सर्जन को ज्यादा समय जिला अस्पताल को देना पड़ता है। ऐसे में मातृ-शिशु अस्पताल की व्यवस्था गड़बड़ा रही है। अस्पताल अधीक्षक नहीं होने से कर्मचारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इससे उपचार तो प्रभावित हो रही रहा है अवैध वसूली की शिकायत भी बढ़ गई है। इस तरह की अन्य समस्याओं को देखते हुए मातृ शिशु अस्पताल में अलग से अस्पताल अधीक्षक रखने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

सप्ताह में तीन दिन होगी सोनोग्राफी

एक महीने पहले रेडियोलाजिस्ट डॉ. सुरेश तिवारी का तबादला हो गया था। इसके बाद से जच्चा बच्चा अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन बंद पड़ी है। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सोनोग्राफी जांच की जाएगी।

जच्चा बच्चा अस्पताल के संचालन के लिए अस्पताल अधीक्षक नियुक्त करने का प्रस्ताव बनाया गया है, जिसे शासन को भेजा गया है। इससे व्यवस्था सुधारने में मदद मिलेगी।

डॉ. मधुलिका सिंह

सिविल सर्जन