बिलासपुर। मेक माई ट्रिप एप के जरिए एयर टिकट बुक कराकर निरस्त कराना रेलवे कर्मचारी को महंगा पड़ गया। टिकट कैंसिल कराने पर न तो उन्हें रकम वापस मिली। बल्कि उसमें दिए गए कस्टमर केयर के जरिए रेलवे कर्मचारी उल्टा ऑनलाइन एक लाख 10 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गया। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।

तोरवा पुलिस के अनुसार शंकर नगर स्थित सूर्य निवास में रहने वाले साधन चंद्रधारा पिता नारायण चंद्रधारा रेलवे में डीआरएम ऑफिस में पदस्थ हैं। आठ दिसंबर 2018 व बीते 11 फरवरी को उन्होंने रायपुर से हैदराबाद होकर गोवा जाने के लिए मेक माई ट्रिप के जरिए इंडिगो एयरलाइंस का टिकट ऑनलाइन बुक कराया था।

इस बीच 10 फरवरी को तकनीकी खराबी के चलते पहले रायपुर-हैदराबाद फ्लाइट कैंसिल हो गया। इसके कारण उन्होंने रायपुर से हैदराबाद की बुकिंग निरस्त करा दी। इस दौरान उन्हें बताया गया कि एक सप्ताह के भीतर उनकी रकम वापस कर दी जाएगी। लेकिन 20 दिन बाद भी रकम नहीं मिलने पर रेलवे कर्मचारी ने गूगल में मेक माई ट्रिप के हेल्प लाइन नंबर को सर्च कर कॉल किया और रकम वापसी संबंधित बात की।

तब उनसे रकम वापसी संबंधित फोन पे एप के साथ जुड़े अकाउंट का नंबर मांगा गया और उन्हें मोबाइल पर एनीडेस्क एप इंस्टाल करने कहा गया। साथ ही यह भी बताया कि उनके द्वारा एक मैसेज भेजा जा रहा है, जिसे कंपनी के विभिन्न नंबरों पर भेजना है। इस तरह से उनके झांसे में आकर रेलवे कर्मी ने भेजे गए मैसेज को पांच से छह बार भेजा।

इसके बाद से तीन व चार मार्च के बीच उनके बैंक खाते से छह बार में 19 हजार नौ सौ 99 रुपये कर करीब एक लाख 10 हजार रुपये ऑनलाइन पार कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने इस मामले की शिकायत तोरवा थाने के साथ ही पुलिस अफसरों से की। उनकी शिकायत पर पुलिस ने धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।