बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हाईकोर्ट ने अधिक ब्याज और रकम दुगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों के अरबों रुपये लेकर फरार होने वाली छह चिटफंड कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। चिटफंड कंपनियों के बजाय एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने पर एजेंटों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

याचिकाकर्ता जीवन लाल साहू, सुंदर लाल साहू, संतोष कुमार व नेतराम साहू विभिन्न चिटफंड कंपनियों में स्वयं निवेश करने के अलावा एजेंट के रूप में अन्य लोगों के रुपये जमा करते थे। करोड़ों रुपये जमा कराने के बाद कंपनी के संचालक फरार हो गए। मामले की शिकायत होने पर पुलिस कंपनी के संचालकों के बजाय एजेंटों पर कार्रवाई कर रही है। अब हाईकोर्ट ने एजेंटों द्वारा प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई तेज की है। सोमवार को सुनवाई उपरांत कोर्ट ने लोगों की मेहनत के रुपये लेकर भागने वाली चिटफंड कंपनी साई प्रसाद, एडीवी, एनआइसीएल, फिचर गोल्ड, पीएन गोल्ड व मिलेनियम नाइस कंपनी के खिलाफ पुलिस को एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल था मुद्दा

कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी चिटफंड कंपनी के लिए काम करने वाले एजेंटों के खिलाफ दर्ज प्रकरण वापस लेने और निवेशकों की रकम लौटाने का मुद्दा शामिल किया था। इसके लिए सरकार ने नीति भी बनाई है। प्रदेश में 199 चिटफंड कंपनियां दो लाख 70 हजार निवेशकों के 11 अरब से अधिक रुपये जमा कराने के बाद फरार हो गई हैं। इस मामले में पुलिस ने निवेशकों की शिकायत पर 200 से अधिक एजेंटों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया है।