बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल में नसंबदी ऑपरेशन के दौरान 13 महिलाओं की मौत के जिम्मेदार चिकित्सक को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। नसबंदी कांड की विभागीय जांच में जिम्मेदार पाए गए तखतपुर के तत्कालीन बीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी को शासन ने निलंबित कर दिया था। हाई कोर्ट ने उन्हें बहाल कर दिया है।

नवंबर 2014 को तखतपुर ब्लॉक के पेंडारी स्थित कैंसर अस्पताल में नसबंदी शिविर लगाया गया था। यहां ऑपरेशन कराने वाली 13 महिलाओं की मौत हो गई थी। इस मामले में विभागीय जांच में बीएमओ को निलंबित कर दिया गया था।

इस बीच डॉक्टर तिवारी ने कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसमें कहा कि महिलाओं की मौत की वजह जहरीली सिप्रोसीन दवा है। उनके द्वारा लापरवाही नहीं की गई है।

सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने डॉक्टर तिवारी को बहाल करने का आदेश दिया। इस आदेश का पालन करते हुए शासन ने डॉ. तिवारी को बहाल करते हुए बलरामपुर में पोस्टिंग दी है, लेकिन शासन इस बाद का जवाब नहीं दे सका कि डॉक्टर को कोर्ट ने जिस हानिकारक दवा के इस्तेमाल को जिम्मेदार मान राहत दी, उसकी सप्लाई व इस्तेमाल पर क्या कोई जांच भी होगी।