बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कॉलेज में पढ़ने वाले स्नातक और स्नातकोत्तर सेकेंड व फाइनल ईयर के स्टूडेंट का प्रवेश फार्म ऑफलाइन जमा होगा। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को इसका अधिकृत एलान कर दिया है। परीक्षा विभाग ने साफ कहा कि सिर्फ प्रथम वर्ष में ऑनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया होगी। मेरिट लिस्ट कॉलेज स्वयं जारी करेंगे।

परीक्षा विभाग के मुताबिक सत्र 2019-20 में प्रवेश के लिए प्रक्रिया जून से शुरू हो जाएगी। इससे पहले कॉलेजों को मार्गदर्शिका सिद्धांत का अवलोकन कर प्रक्रिया पूरी करने कहा गया है। नए सत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले फर्स्ट ईयर के छात्र-छात्राओं को जहां ऑनलाइन का विकल्प मिलेगा, वहीं सेकेंड व फाइनल वाले वंचित रहेंगे। काउंटर पर ऑफलाइन फार्म लेकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय ने पिछले साल भी ऐसा ही किया था। तत्कालीन कुलसचिव डॉ.इंदु अनंत ने उस समय कहा था कि नए सत्र से हम शत-प्रतिशत ऑनलाइन की प्रक्रिया पूरी करने में सफल होंगे। लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। परीक्षा विभाग असमर्थ नजर आ रहा है।

सिस्टम अपडेट फिर क्यों नहीं

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के पास कॉलेजों का इंटेक केपिसिटी से लेकर तमाम रिकार्ड पहले से मौजूद है। वेबसाइट और सॉफ्टवेयर भी अपडेट है। चिप्स से बढ़िया प्रक्रिया पिछले साल रही है। इसके बाद भी सौ फीसदी ऑनलाइन प्रवेश का लक्ष्य क्यों पूरा नहीं किया जा रहा इसे लेकर संशय भी बना हुआ है।

निजी कॉलेजों की दुकान

शिक्षा जगत से जुड़े विद्वानों का कहना है कि दरअसल सेकेंड व फाइनल ईयर में ऑफलाइन का विकल्प देकर निजी कॉलेजों को फायदा पहुंचाने का प्रयास है। कॉलेज अब मनमानी कर 50 से 300 रुपये में प्रॉस्पेक्टस बेचेंगे। ऑफलाइन की आड़ में छात्रों से मनमाने शुल्क वसूल करेंगे। विश्वविद्यालय ने भले ही एक्सल सीट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, लेकिन यह मात्र खानापूर्ति है।

शासन के दिशा-निर्देश के मुताबिक केवल प्रथम वर्ष में ऑनलाइन प्रवेश होना है। सेकेंड या फाइनल ईयर के लिए ऑफलाइन का विकल्प होगा। शत-प्रतिशत ऑनलाइन की दिशा में प्रयासरत हैं।

डॉ.प्रवीण पांडेय

परीक्षा नियंत्रक, अटल बिहारी वाजपेयी विवि