बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बिल्हा के सरवानी में तीसरे दिन सोमवार को भी जांच जारी रही। एक ग्रामीण के घर की बाड़ी के पैरावट के अंदर से एक ट्रैक्टर लकड़ी बरामद किया गया। वहीं गांव से लगी नदी से भारी मात्रा लकड़ी बरामद की हुई है। कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीण रातोंरात यहां लकड़ी छिपाकर रख दिए थे।

इस गांव में 150 एकड़ राजस्व भूमि में समाजिक वानिकी ने खम्हार, नीम, समेत अन्य प्रजातियों का प्लांटेशन किया था। पौधे से पेड़ बनाने के लिए पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया। लेकिन पंचायत इस हरियाली का सहज कर नहीं रख सकी। गांव के ग्रामीणों ने एक - एककर हजारों पेड़ को काट दिए। जांच के दौरान पहले दिन 18 ग्रामीणों के घर में दबिश देकर 10 ट्रैक्टर लकड़ी जब्त की गई। दूसरे दिन रविवार को राजस्व व वन विभाग की टीम ने जांच की। लेकिन एक भी घर से लकड़ी बरामद नहीं हुआ। पहले दिन की कार्रवाई को देखकर सभी ने रातोंरात लकड़ियां फेंक दी। रविवार को पांच ट्रैक्टर लकड़ी बरामद हुई थी। लेकिन यह किसका था, यह स्पष्ट नहीं हो पाया। सोमवार को जांच का तीसरा दिन था। वनकर्मी बड़ी संख्या में गांव पहुंचे। इसी बीच थोड़ी देर छांव में बैठने के लिए पैरावट के पास पहुंचे। जैसे एक- दो कर्मचारी पैरावट में आराम करने के लिए पीछे हटे, पीठ में कुछ ठोस चीज गढ़ने जैसा लगा। साथ ही जांच कर यह जानने के लिए मशक्कत करने लगे की आखिर अंदर क्या है। जब पैरा हटाया गया और इसके बाद जो नजारा सामने आया उसे देखकर वनकर्मी दंग रहे गए। वन विभाग के अनुसार यह बाड़ी मंगलू प्रजापति की है। नदी के अंदर से भी लगभग एक ट्रैक्टर लकड़ी जब्त की गई। कार्रवाई अभी जारी रहेगी।

नदी से 10 ट्रैक्टर लकड़ी निकलने की उम्मीद

वनमंडल उड़नदस्ता प्रभारी जितेंद्र साहू ने बताया कि सोमवार को गांव से लगी नदी की जांच कराई गई। किनारे- किनारे लकड़ियां डूबी हुई थी। यह गांव वालों की ही बदमाशी है। कार्रवाई से बचने के लिए ऐसा किया गया है। उन्होंने नदी के अंदर से 10 ट्रैक्टर लकड़ी बरामद होने की उम्मीद जताई है।