बिलासपुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा व कांग्रेस के रणनीतिकारों ने तखतपुर को रणभूमि में तबदील कर दिया था । तखतपुर को केंद्र में रखकर स्टार प्रचारकों और रणनीतिकारों ने एकसाथ चार विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को साधने की कोशिश की । चार विधानसभा क्षेत्र में से एक मुंगेली अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। शेष तीनों सीटें सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई है।

18 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तखतपुर के हाईस्कूल मैदान पहुंचे । शाह ने भाषण की शुुरुआत में ही यहां आने के अपने खास सियासी मकसद को स्पष्ट कर दिया था। एकसाथ उन्होंने अजा के साथ ही सामान्य वर्ग के मतदाताओं का साधने की कोशिश की । गुरु घासीदास के साथ ही रतनपुर की मां महामाया का स्मरण किया। तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के आसपास की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो तखतपुर विधानसभा क्षेत्र की सीमा मुंगेली विधानसभा से करीब-करीब मेल खाती है। पड़ोस में कोटा तो उसके पास में बेलतरा विधानसभा की सीमा लगी हुई है। मतलब साफ है । तखतपुर से दिए जाने वाले राजनीतिक संदेश का प्रभावी असर इन चारों विधानसभाओं में बराबर असर करता है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस सियासी संदेश का साफतौर पर असर दिखाई दिया था। भाजपाई रणनीतिकार इसमें चूक गए थे। ऐनवक्त पर भाजपाध्यक्ष शाह का तखतपुर दौर स्थगित हो गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जिले में आखिरी सभा तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के खपरी में हुई थी। कर्जमाफी की घोषणा और उसमें भी सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर माफी का उनका ऐलान कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हुआ और राहुल के इस दावे और सियासी वायदे ने प्रदेश में कां्र्रेस की सरकार बना दी । यही कारण है कि लोकसभा चुनाव में दोनों ही दलों के लिए तखतपुर रणभूमि में तब्दील हो गया था। रणनीतिकारों की कोशिश थी कि तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में एक दिग्गज नेता की सभा कराने से आसपास की पांच विधानसभा सीटों पर इसका प्रभाव बराबर पड़ेगा । इन पांचों विधानसभा सीटों के जातिगत समीकरणों पर नजर डालें तो तखतपुर व बेलतरा में अजा,ओबीसी व सामान्य वर्ग के मतदाताओं की अच्छी पैठ है। कोटा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अलावा अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। बिलासपुर विधानसभा शहरी क्षेत्र होने के साथ ही सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या अन्य वर्ग की तुलना ज्यादा है। एक साथ पांच सीटों पर प्रभाव डालने के लिए तखतपुर दोनों ही दलों की पहली पसंद बन गई थी ।

0 विधानसभा चुनाव के दौरान आए थे राहुल

ढाई महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खपरी में सभा को संबोधित किया था। खपरी के मंच से ही राहुल ने सरकार बनने पर 10 दिनों के भीतर किसानों की कर्ज माफी करने के अलावा प्रति क्विंटल 2500 रुपये समर्थन मूल्य के हिसाब से दाम देने की घोषणा की थी। मंच से ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में सरकार बनने का दावा भी किया था।

0 शाह का दौरा हुआ था कैंसिल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रवास के दिन ही भाजपाध्यक्ष शाह का तखतपुर दौरा तय हुआ था। जिला भाजपा ने इसकी तैयारी भी पूरी कर ली थी। ऐनवक्त पर शाह का आना टल गया था। विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भाजपा शिविर में इस बात की चर्चा भी छिड़ी हुई थी कि शाह की तखतपुर में सभा हो जाती तो शायद चुनाव परिणाम कुछ दूसरा होता ।

00 विधानसभा चुनाव कैंपेनिंग पर नजर

विधानसभा चुनाव के दौरान तखतपुर विधानसभा के ग्राम खपरी में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैन इंटरनेशनल स्कूल परिसर से सकरी सभा स्थल तक रोड शो किया था व सभा को संबोधित किया था । तखतपुर में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभा को संबोधित किया था। उनके साथ छग के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह भी मौजूद थे।