0 जोनल स्टेशन में किया जाएगा रोलिंग लाइट मॉडिफिकेशन का काम

बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जोनल स्टेशन में प्रवेश के दौरान अब सीएंडडब्ल्यू के कर्मचारी ट्रेनों का बेहतर ढंग से परीक्षण कर सकेंगे। रेलवे ने लाइन पर लगाई गई रोलिंग लाइट के मॉडिफिकेशन की योजना बनाई है। इसके तहत प्लेटफार्म के दोनों छोर पर चार-चार एलइडी लाइटें लगाई जाएंगी। अभी केवल एक लाइट लगी है। इस कारण रात में ट्रेन के नीचे के उपकरण साफ नहीं दिखते हैं। जबकि यह परीक्षण संरक्षा के लिए लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। साधारण खामियां पकड़ में आने के बाद उसे स्टेशन में ही सुधार लिया जाता है।

संरक्षा के मद्देनजर ट्रेन के स्टेशन में प्रवेश करते समय सीएंडडब्ल्यू के कर्मचारी लाइन किनारे बैठकर ट्रेन के नीचे के एक-एक उपकरण को देखते हैं। एक शिफ्ट में चार से छह कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। दिन में उन्हें इस कार्य में दिक्कत नहीं होती लेकिन रात में बेहद कठिनाई होती है। इसके लिए टार्च दिए गए हैं। प्लेटफार्म के एक छोर में दो लाइट भी लगाई गई है। लेकिन पुराने सिस्टम की वजह से इन लाइटों की रोशनी में कर्मचारी बेहतर ढंग से निगरानी नहीं कर पा रहे थे। इस समस्या को रेल प्रशासन ने केवल समझा बल्कि इसे पहले से और बेहतर करने की योजना बनाई। यह कार्य इलेक्ट्रिक विभाग करेगा। जानकारी के अनुसार यह टेंडर प्रक्रिया में हैं। बहुत जल्द रोलिंग लाइट की नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके तहत एक छोर में पटरी के दोनों ओर दो-दो एलइडी लाइट लगाई जाएगी। इसे बेहतर रोशनी आएगी। इसके साथ ही बिजली की बचत भी होगी।

कोचिंग ट्रेन के लिए जांच जरूरी

सीएंडडब्ल्यू का अमला कोचिंग ट्रेनों में इस तरह की जांच ज्यादा करता है। संरक्षा व सुरक्षा के मद्देनजर यह बेहद जरूरी है। यदि उनसे जरा सी चूक हुई तो आगे जाकर किसी तरह का खतरा हो सकता है। पहले भी कई बार पहिए के ऊपर स्प्रिंग टूटने, बफर ऊपर नीचे होने समेत अन्य तकनीकी खामियों को इस जांच के दौरान पकड़ा गया है। जिसे समय रहते सुधार भी किया गया।