बिलासपुर/रतनपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक शनिवार को साप्ताहिक अवकाश पर अपने गृहग्राम गया था। इस बीच रविवार की सुबह उसकी लाश ग्राम भरारी के पास खून से लथपथ मिली है। शव के पास एक्टिवा भी मिली। इससे आशंका है कि एक्टिवा से गिरने से हुई उसकी मौत हुई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

मूलतः भरारी निवासी शत्रुहन साहू पिता रामकिशुन साहू (35) आरक्षक के पद पर कार्यरत था। उसकी पोस्टिंग सिविल लाइन थाने में थी और परिवार समेत बिलासपुर में ही रहता था। शनिवार को उसका साप्ताहिक अवकाश था। लिहाजा, वह अपने गांव घूमने गया था। रविवार की सुबह करीब सात बजे उसकी लाश भरारी के पास खून से लथपथ पड़ी थी। शव के पास ही गांव के सरपंच विनय शुक्ला के भाई विवेक शुक्ला की एक्टिवा पड़ी थी। ग्रामीणों ने शव को देखकर पुलिस की डॉयल 112 को सूचना दी। तब उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की गई, तब उसकी पहचान आरक्षक शत्रुहन के रूप में हुई। इस घटना की सूचना उसके परिजन को दी गई। खबर मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है। इस बीच पूछताछ में पता चला कि शनिवार को भरारी में बाजार लगा था। लिहाजा, शत्रुहन बाजार घूमने गया था। वहां दोस्त विवेक शुक्ला मिला, तो उसकी एक्टिवा में दोनों देर शाम ढाबा खाना खाने के लिए चले गए। इस बीच ढाबा में विवेक के तीन-चार दोस्त कार से खाना खाने पहुंचे। सभी एक साथ खाना खाए। फिर विवेक अपनी एक्टिवा को शत्रुहन के पास छोड़ दिया और खुद दोस्तों के साथ कार से अपने घर चला गया। इस बीच शत्रुहन अपने घर नहीं पहुंचा और सुबह उसकी लाश सड़क किनारे मिली। प्रथम दृष्टया पुलिस को शक है कि आरक्षक एक्टिवा से फिसलकर गिर गया होगा और उसके सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हुई होगी।

हेलमेट लगाता तो नहीं जाती जान

पुलिस अफसरों का कहना है कि प्रथम दृष्टया आरक्षक के खुद एक्टिवा से गिरने की आशंका है। आशंका है कि उसकी एक्टिवा अनियंत्रित होकर गिर गई। फिर उसके सिर पर गंभीर चोट लगी होगी। गाड़ी चलाते समय आरक्षक हेलमेट लगाया होता, तो उसकी जान नहीं जाती।