बिलासपुर। बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस के जनरल कोच के टॉयलेट में महिला यात्री का प्रसव हो गया। उसने ट्रेन के पहुंचते ही उसलापुर रेलवे स्टेशन में लड़के को जन्म दिया। इसकी सूचना मिलते ही आरपीएफ ने कोच की अन्य महिला यात्रियों की मदद से जच्चा व बच्चा को उतारा। इसके बाद 108 एंबुलेंस बुलाकर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। दोनों स्वस्थ्य हैं।

मल्हार पचपेढ़ी थाना अंतर्गत ग्राम मुंकुदपुर निवासी सरस्वती बाई पटेल व पति श्यामलाल पटेल (22) कमाने- खाने के लिए लखनऊ गए थे। सरस्वती गर्भ से थी। प्रसव के लिए गांव लौट रहे थे। मजदूर वर्ग के होने के कारण जनरल कोच की भीड़ में ही यात्रा कर रहे थे। करगीरोड स्टेशन से पहले अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। कोच में कुछ महिला यात्री भी सफर कर रही थीं। उन्होंने उसकी स्थिति देखी। चूंकि उसलापुर नजदीक था। इसलिए सभी को यह लगा कि वह आराम से अस्पताल तक पहुंच जाएगी। ट्रेन दोपहर 1बजे के करीब स्टेशन पहुंच गई।

हालांकि इससे पहले यात्री टॉयलेट में चली गई। ट्रेन स्टेशन पहुंची। इस बीच उसलापुर आउट पोस्ट के एएसआई एसके शर्मा व स्टॉफ रोज की तरह ट्रेन की जांच कर रहे थे। जैसे ही इंजन के पीछे के जनरल कोच में पहुंचे। महिला यात्रियों ने उनसे यात्री प्रसव पीड़ा के बारे में बताया। इस बीच सबसे पहले 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई।

उसके बाद महिलाओं को टॉयलेट में जाकर यात्री की स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा। लेकिन तब तक प्रसव हो चुका था। इस दौरान आरपीएफ ने महिलाओं से जच्चा व बच्चा को बाहर लाने की गुजारिश की। कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंच गई। इसके बाद उनकी मदद से एंबुलेंस तक लाया गया। इसके बाद जिला अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया। जच्चा- बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

पांच मिनट अतिरिक्त खड़ी रही ट्रेन

इस ट्रेन का उसलापुर रेलवे स्टेशन में 10 मिनट का स्टापेज है। लेकिन महिला यात्री के प्रसव के कारण ट्रेन को पांच मिनट अतिरिक्त रोकना पड़ा। इस दौरान टॉयलेट की सफाई भी करा दी गई। इससे की दूसरे यात्रियों को परेशानी न हो।