बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्वाति सिंह बीते सात वर्षों से शहर के विभिन्न् मोहल्लों में गलियों में घूम-घूमकर लोगों को पर्यावरण के प्रति न केवल सजग कर रही हैं बल्कि लोगों के घरों के आंगन में तुलसी का पौधा भी लगा रही हैं। इस अभियान के पीछे लोगों को स्वस्थ्य रखना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने की उनकी अपनी कोशिश है। यह कोशिश अब रंग लाने लगी है। पहले अकेली ही इस अभियान में निकल पड़ी थी। अब उनके साथ महिलाओं की टीम जुड़ गई है। ध्रुवी वेलफेयर एसोसिएशन की संस्थापक व ऑल स्पोस्टर्स एंड फिटनेस की अध्यक्ष स्वाति सिंह बीते सात साल पहले अपने घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाने के लिए नर्सरी से खरीदकर लाई थी। पौधा धीरे-धीरे बढ़ने लगा। स्वाति तुलसी के गुणों से पहले सही परिचित थी।

आंगन में तुलसी लगाने के बाद उन्होंने पौधा इकठ्ठा करने की योजना बनाई । शुरुआत में वह साइकिल में थैला लटका कर निकलती थीं और जहां भी तुलसी का पौधा दिखाई दे जाता था उसे वह अपने साथ लेकर आतीं थीं और गमले में लगा देती थीं। इसके बाद वे लोगों के घरों में संपर्क करना शुरू किया व एक से अधिक पौधा होने पर वह उसे मांग लेती थी और लाकर गमले में लगा देती थी। जिस घर से तुलसी का पौधा लेकर आती थी उनको उनके गुणों के बारे में बताती थी और आसपास लोगों के घरों में इसे लगाने प्रेरित भी करती थी। गमले में लगा पौधा जब तैयार हो गया तब सबसे पहले उन्होंने श्रीकांत वर्मा मार्ग वाली सड़क में बने डिवाइडर में इसे रोपना प्रारंभ किया।

डिवाइडर के अलावा साईं मंदिर के बाहर तुलसी का पौधा लगाईं। उनकी कोशिश है कि लोगों के घरों के आंगन में तुलसी का पौधा तो हो साथ ही शहर के प्रमुख सड़कें जहां डिवाइडर बनाया गया है वहां भी तुलसी का पौधा लहलहाए।

गमले के बाद घर की छत में लगाई अब नर्सरी हो गई है तैयार : तुलसी के पौधों को तैयार करना और उसे लोगों के घरों के आंगन में लगा एक तरह से स्वाति ने अपना मकसद बनाया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उनका जुनून भी कम नहीं है। सबसे पहले उन्होंने गमलों में तुलसी के पौधों को तैयार किया। इसके बाद घर के छत में मिट्टी डालकर तुलसी लगाई। गमले व घर की छत पर जब तुलसी के पौधे तैयार हो गया तब उन्होंने व्यापार विहार में खाली अपनी जमीन को तुलसी के नर्सरी में तब्दील कर दिया है। उनके साथ रितू सिंह,निधि सिंह, उमा पटेल सहित महिलाओं की टीम खड़ी हो गई है।

ये हैं तुलसी के फायद

- 24 घंटे में 20 घंटे ऑक्सीजन और चार घंटे ओजोन गैस का उत्सर्जन करती है।

- नेक्सेंट ऑक्सीजन का उत्सर्जन करती है जो कॉर्बन मोनो ऑक्साइड,कॉर्बन डायऑक्साइड व सल्फर डायऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को शुद्ध बनाने में सहायक होती है।

- वातावरण में फैले बैक्टीरिया को नष्ट करने की अदभूत क्षमता है।

- पौधा आसानी के साथ पनपता एवं बढ़ता है।

- तुलसी के पौधों की बाढ़ के लिए रासायनिक खाद की जरूरत नहीं होती ।

- जानवरों से सुरक्षित है।

- सुगंधित होने के साथ ही फूल भी आकर्षक दिखाई देते हैं।

- हेज की तरह लगाया जा सकता है।

- तुलसी के पौधों के आसपास मच्छर नहीं पनपते ।