बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है,जहां से 14 साल में 20 हजार स्टूडेंट योग प्रशिक्षक बनकर निकले हैं। वर्ष 2005 में डिप्लोमा इन योग साइंस विषय की पढ़ाई शुरू हुई थी। 2019 तक प्रवेश के लिए होड़ मच गई है। पासआउट होने वाले स्टूडेंट गांव-गांव तक जाकर योग से निरोग रहने अलख जगा रहे हैं।

21 जून को विश्व योग दिवस है। इस दिन को खास बनाने के लिए पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में संचालित एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम पीजी डिप्लोमा इन योग सांइस विभाग खास तैयारी में जुटा हुआ है। कुलपति डॉ.बंश गोपाल सिंह के निर्देशन में सैकड़ों स्टूडेंट योग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन वर्ष 2005 से पासआउट स्टूडेंट से संपर्क कर उन्हें अपने क्षेत्र या गांव में योग को लेकर जागरूकता फैलाने प्रोत्साहित भी कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट रोज सुबह 7 बजे से प्रशिक्षण लेने पहुंच रहे हैं। 21 को विश्व योग दिवस के मौके पर विभिन्न योगासन और स्पर्धा भी आयोजित है। अनुभवी शिक्षकों योग अनुदेशकों की उपस्थिति में योगासन, प्राणायाम, बंध, मुद्रा, ध्यान एवं अन्य यौगिक क्रियाओं के बारे में बताया जा रहा है। खासबात यह कि यहां कोई भी व्यक्ति योग करने आ सकता है। पूरी तरह से निःशुल्क है।

योग जागरण यात्रा

छत्तीसगढ़ योग आयोग के द्वारा योग जागरण यात्रा निकाली गई। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हुए लोगों को जागरूक किया। विभाग के द्वारा 5 से 15 जून, 2019 तक योग पद्वति द्वारा मधुमेह (शुगर) निवारण शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में मनोवैज्ञानिक परामर्श, आयुर्वेदिक चिकित्सक का परामर्श, आहार परामर्श की भी सुविधा दी गई। 21 को विश्व योग दिवस पर वृक्षारोपण व स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा आगामी योजनान्तर्गत योग शोध पीठ प्रारंभ किए जाने की योजना भी प्रस्तावित है। दावा किया जा रहा है कि इस पीठ के प्रारंभ होने पर पूरे राज्य को लाभ प्राप्त होगा। एक अन्य आगामी प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के शासकीय अशासकीय महाविद्यालयों, संस्थाओं से संपर्क व सहमति प्राप्त कर वहां योग शिविरों का आयोजन किया जाना है।