रायगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर को गंदगी मुक्त किये जाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्व्च्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में करोड़ो रूपये तामझाम से खर्च कर रहे है। परन्तु शहर सरकार एवं निगम प्रशासन के लापरवाही से यह अभियान ढकोसला बन रह गया है। जिसमें खुले हुए वाहनों से कचरा का परिवहन किये जाने से यह कचरा रा़ेड में गिर रहा है। जो आसमान से गिरे खजूर में लटके वाली कहावत को पूरा कर रही है। साफ सुथरा बनाने के लिए कई प्रयास किये जा रहे है। इन प्रयासों पर गौर किया जाए तो निगम का सफाई अमला पोल खोल कर रख रहा है। सफाई अमला द्वारा डम्प कचरे को उठाने के लिए वाहन तो लगा रहे है परंतु कचरा गाड़ी में कचरा बिना त्रिपाल ढके ले जाया जा रहा है इससे जिस क्षेत्र से वाहन गुजर रही है उस क्षेत्र के लोग बदबू से एवं वाहन से गंदगी गिरने से परेशान हो रहे है। निगम की इस कारस्तनी से स्थानीय रहवासियों में आक्रोश है। बिना त्रिपाल ढके खुले वाहन में कचरा का परिवहन,कचरा उठा रहे है या गंदगी फैला रहे यह समझ पाना यक्ष का सवाल बन कर खड़ा हो गया है।

कचरा साफ कर रहे है या फैला रहे

निगम के द्वारा खुले वाहन में बिना त्रिपाल ढके कचरा को डम्पिंग यार्ड ले जाया जा रहा है। इससे जितनी मात्रा में कचरा गाड़ी में लोड रहता उसका एक तिहाई से अधिक रोड में गिरा पड़ा रहता है ।इससे यह कहना गलत नही होगा कि निगम शहर के एक स्थान से कचरा उठाकर दूसरे स्थान ले जाने के बजाए शहर में फैला रही है ।

पहले भी मुद्दा गूंज चुका है

बिना त्रिपाल ढके कचरे का परिवहन के मुद्दे पर शहर की जनता पूर्व में भी कई बार शिकायत कर चुकी है इस पर जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों की मांग के अनुरूप निगम सामान्य सभा में कई बार इस मुददे पर ध्यानाकर्षण करा चुके है। जिस पर दो दिन की चांदनी वाली कहावत की तर्ज पर निगम चलते हुए भूल जाती है।निगम प्रशासन द्वारा इस तरह कचरे को लेकर लापरवाही बरती जा रही है तो शहर को स्वच्छ करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

र्र्वर्सन

बिना त्रिपाल ढके वाहन से कचड़ा को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना गलत है। इस मामले में वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी जायेगी।

मोती चंद जैन, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम