रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद भाजपा के पूर्व विधायकों और कई दिग्गज नेताओं की सुरक्षा हटा दी गई है। प्रदेश में विधायकों को एक्स और वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है। जबकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विधायकों, पूर्व विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रमुख प्रतिनिधियों को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी लेकिन अब नई सरकार ने प्रोटेक्शन रिव्यू किए बिना ही सुरक्षा हटाने का निर्णय ले लिया।

नेता प्रतिपक्षव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने इसकी शिकायत डीजीपी डीएम अवस्थी से की है। कौशिक ने कहा कि सरकार जानबूझकर संवेदनशील क्षेत्रों के पदाधिकारियों की सुरक्षा को हटा रही है। यह बदले की भावना ने किया जा रहा है, जिसका पार्टी विरोध करती है।

पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुभाऊ कश्यप ने कहा, बिना बताए सुरक्षा हटा दी गई। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल भी खड़ा किया। कश्यप ने बताया कि वह दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यपरिषद की बैठक में शामिल होने के बाद जब रायपुर पहुंचे तो पता चला कि उनकी सुरक्षा को हटा दी गई है।

भाजपा सरकार में मंत्री रहे केदार कश्यप और महेश गागड़ा की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया। इनको जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी।

अतिरिक्त सुरक्षा हटाई गई होगी : आईजी बस्तर

बस्तर आइजी विवेकानंद ने कहा कि विधायकों और पूर्व विधायकों को जो सुरक्षा दी जा रही है, उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। श्रेणी के आधार पर जो सुरक्षा मिलती है, उसे बरकरार रखा गया है।

अगर किसी के पास अतिरिक्त सुरक्षा रही होगी, तो उसे ही हटाया गया होगा। जबकि स्पेशल डीजी सिक्योरिटी संजय पिल्ले ने बताया कि प्रोटेक्शन रिव्यू कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई है। ऐसे में किसी की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।