रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

अभी जिले के गांवों में गरीबों के लिए मकान बनाने के लक्ष्य से जिला पंचायत विभाग पिछड़ गया है। पीएम आवास के टारगेट के अधिक निर्माण करने का ताना-बाना बुन दिया गया, लेकिन कागजों पर पीएम आवास को अंधाधुंध बांटने की होड़-सी लग गई, लेकिन पहली और दूसरी किस्त के बाद पीएम आवास का कागजी घोड़ा नहीं दौड़ पाया।

आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 में 12 हजार 434 पीएम आवास गरीबों को देने का लक्ष्य है, लेकिन इस बार जनपद पंचायतों से आए सभी हितग्राहियों को पीएम आवास देना तय कर लिया गया। मकान की नींव रखने के लिए पहली किस्त 12 हजार 846 गरीबों को जारी की गई। प्रथम और द्वितीय किस्त के बाद धीरे-धीरे गिरावट आनी शुरू हो गई। हैरतवाली बात रही कितीसरी किस्त में तीन हजार 714 और चौथी किस्त सिर्फ 42 लोगों को जारी हुई। वैसे अभी 140 पीएम आवास निर्माणाधीन हैं, जबकि 2016-17 और 2017-18 में 13 हजार 35 पीएम आवास के लक्ष्य के सापेक्ष 14 हजार 36 आवेदन पंचायतों से आए थे, लेकिन टारगेट के हिसाब से स्वीकृति मिली थी। इस बीते वित्तीय वर्ष के 434 पीएम आवास नहीं बन पाए।

अधिकांश लोगों ने राशि कहीं और खर्च कर दी है

जिला पंचायत के कागजी आंकड़ों के मुताबिक अधिकांश हितग्राही किसी तरह पंचायत में आवास का प्रस्ताव पास कराने के बाद नहीं बना सके। एक रिपोर्ट के मुताबिक 434 पीएम आवास के हितग्राहियों में किसी की मौत हो गई या कोई प्रथम और दूसरी किस्त की राशि कहीं और खर्च कर दी। इसके चलते भी अधिकांश पीएम आवास अधूरे रह गए।

वर्जन

पीएम आवास के भौतिक सत्यापन के बाद ही राशि जारी की जाती है। जल्द ही बकाया राशि हितग्राहियों को जारी होगी।

- दीपक सोनी, सीईओ, रायपुर