कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

चुनाव प्रचार-प्रसार के जोर पकड़ने के साथ राजनैतिक दल के जुड़े कार्यकर्ता दूसरे विरोधी की शिकायत करने लगे हैं। निर्वाचन की शिकायत शाखा में चुनाव की वास्तविकता से परे आ रही पᆬाल्स शिकायत ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। अब तक जितनी भी शिकायतें आई हैं उनमें ज्यादातर द्वेषवश शिकायतें की गई है। ऑनलाइन सी विजिल के अलावा ऑपᆬलाइन पत्र के माध्यम से अब तक 74 शिकायतें की गई है। निराकरण को लेकर 29 मामले अब भी प्रक्रियाधीन है। शिकायत के आधार पर जिन मामले में कार्रवाई हुई उनमें ढोढ़ीपारा से कांग्रेस व भाजपा पार्टी का डीजे जब्त किया गया है। केराकछार व चाकामार के मंदिर में राजनैतिक दलों के लगाए गए झंडा-बैनर पर एतराज जताने पर कार्रवाई की गई है।

चुनाव प्रचार-प्रसार तेज होने के साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के समर्थकों से लेकर स्थानीय समर्थकों के एक-दूसरे के दल के प्रति विरोधी तेवर देखे जा रहे हैं। निर्वाचन में बाधा डालने वाले विघ्नसंतोषी लोगों के विरुद्ध शिकायत सुनने के लिए निर्वाचन शाखा ने हर बार की तरह शिकायत शाखा टीम का गठन किया है। चुनाव में इस बार ऑनलाइन सी विजिल एप से शिकायत की वयवस्था होने से लोग इसका इस्तेमाल विरोधी पार्टी को नीचा दिखाने के लिए कर रहे हैं। इसमें ज्यादातर शिकायतें घर में बिना अनुमति के झंडा-बैनर लगाने अथवा दीगर पेटिंग करने की शिकायतें शामिल है। मामले में निर्वाचन के उड़नदस्ता टीम की ओर से कार्रवाई की गई है। ऑनलाइन के अलावा ऑपᆬलाइन शिकायतें भी की जा रही है। इन शिकायतों में ज्यादातर लंबे समय से कार्यालय में कार्यरत्‌ अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की है। शिकायतों को उच्च निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष रखा गया है। शिकायत शाखा की मानं तो शिकायत के आधार पर मामले की आवश्यक छानबीन के बाद कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रचार-प्रसार में डीजे का उपयोग वर्जित है। इसके बाद भी ढोढ़ीपारा में उपयोग किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर जब्ती की कार्रवाई की गई है। चाकामार मंदिर में कांग्रेस पार्टी का ध्वज टांगने पर सी विजिल से शिकायत की गई थी। उड़नदस्ता टीम को स्थल पर भेजे जाने से पहले ही ध्वज निकाल लिया गया था। इसी तरह केराकछार के मंदिर में भाजपा समर्थित पंपलेट से बना तोरण लगा दिया गया था। टीम के पहुंचने पर स्थानीय कार्यर्ताओं ने निकाल लिया था। चुनाव से संबंधित गड़बड़ी दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में देखी जा रही है। निर्वाचन के एप के संबंध में आम लोगों को जानकारी नहीं है। यही वजह है कि अब तक इसमें सही शिकायत कम आई है।

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चेकपोस्ट में चल रही सघन जांच

विधानसभा निर्वाचन के अंतर्गत अवैध सामग्रियों के परिवहन रोकने एवं कार्रवाई को लेकर निर्वाचन की ओर से बनाए गए चेकपोस्ट में सघन जांच की जा रही है। शुक्रवार को कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक व एसपी मयंक श्रीवास्तव ने सर्वमंगला चौक चेकपोस्ट का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने उपस्थित स्थैतिक निगरानी दलों और पुलिस अधिकारियों को चेकपोस्ट में पूरी टीम के साथ निश्चित समय के साथ अनिवार्यतः उपस्थित रहने की हिदायत दी। उन्होंने का कहा कि किसी प्रकार की अवैध सामग्री, अवैध शराब जो चुनावी प्रायोजन के लिए हो, उसकी जब्ती बनाकर उचित कार्रवाई के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित करें।

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संदिग्ध वाहनों के नंबर कर रहे नोट

निरीक्षण के दौरान एसपी मयंक श्रीवास्तव ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को कहा कि रोकने पर भी नहीं रुकने वाले या संदिग्ध वाहनों के नंबर नोट कर आगे मैसेज देकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। एसपी श्रीवास्तव ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि जांच के दौरान आमजनों की परेशानियों को भी पूरी तरह से ध्यान में रखा जाए। पारिवारिक भ्रमण पर निकले लोगों, बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने जैसी स्थितियों में व्यवहारिक रूप से तत्काल उपस्थित मजिस्ट्रेट की ओर से निर्णय लेकर वाहनों की जांच की कार्रवाई की जाए।

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दस्तावेज साथ रखने की हिदायत

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मो. कैसर अब्दुल हक ने आम नागरिकों से कहा है कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जगह-जगह चेकपोस्ट बनाकर आदर्श आचरण संहिता का पालन एवं अन्य कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे में किसी भी प्रकार से अधिक मात्रा में सामान, आभूषण, नकदी आदि के पर्याप्त दस्तावेज अपने साथ रखें। जांच के दौरान जांच टीम का सहयोग करते हुए जांच अनिवार्य रूप से कराएं। संपूर्ण जांच की वीडियोग्राफी होगी। जांच नहीं करने देने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।