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    1383 स्कूलों तक पहुंचा शालाकोष टैबलेट, अब गैरहाजिर शिक्षकों पर लगेगी लगाम

    Published: Thu, 15 Feb 2018 10:44 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 10:44 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    0 रखेगा टीचरों और छात्रों का सालाना डाटा

    बैकुंठपुर । नईदुनिया न्यूज

    स्कूलों से गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने रियल टाइम अटेंडेंस (आरटीए) के लिए खास एप विकसित किया है। जिले के लगभग 1504 सरकारी स्कूलों में से 1383 में बायोमैट्रिक अटेंडेंस टैबलेट से हाजरी लगनी शुरू हो चुकी है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षक अब पढ़ाने में पूरा समय दे सकेंगे। इसके अलावा जिला शिक्षा कार्यालय में भी मशीनें लग रही हैं ताकि अधिकारी-कर्मचारी भी सुबह समय पर पहुंचे।

    सरकार का मानना है कि इसके लगने से शिक्षक देरी से स्कूल नहीं पहुंचेंगे। जिले में 1504 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से अब तक 1383 स्कूलों में बायोमैट्रिक हाजरीं लगाई जा चुकी है। जबकि जिन स्कूलों में टैबलेट अब तक नही पहुंचा है उनमें भी आगामी सप्ताह में पहुंच जाएगा। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार जिले में 10 फरवरी तक सभी स्कूलों में थम हाजरी स्कैन टैबलेट शालाकोष के माध्यम से ली जानी थी। किन्तु जिले में आई कुछ टैबलेट खराब होने से उन्हें वापस भेजा जा रहा है। जल्द ही नए टैबलेट आने के बाद बाकी बचे स्कूलों को इसे दिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अब शिक्षकों सुबह 10 बजे और शाम 4 बजे मशीन से हाजरी लगाएंगे। जबकि छात्रों को सुबह 10 बजे हाजरी देनी होगी। इस व्यवस्था से स्कूलों में पारदर्शिता आएगी। बायोमैट्रिक हाजरी से स्कूलों का खर्च भी बचेगा। इससे स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों पर अंकुश लगेगा।

    गैर शिक्षकीय कार्यों में शामिल होने पर रोक

    छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के सारे ट्रेनिंग प्रोग्राम रद्द करने के बाद अब विभाग ने शिक्षकों को दूसरे कार्यों में संलग्न करने पर भी रोक लगा दी है। राजीव गांधी शिक्षा मिशन ने प्रशिक्षण और गैर-शिक्षकीय कार्यों के लिए शिक्षकों को स्कूल से कार्यमुक्त नहीं करने के कड़े निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर शाला कोष परियोजना और बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित प्रशिक्षण के अलावा उन्हें किसी भी तरह के प्रोग्राम में जाने पर रोक लगा दी है।

    शासन ने जारी किए निर्देश

    परीक्षाएं सिर पर हैं और बार-बार हिदायत के बाद भी शिक्षाकर्मियों को बाहरी कार्यक्रमों में भेजने पर विभाग ने एतराज जताया और कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति वाले किसी भी कार्यक्रम का आयोजन बिना राज्य सरकार की अनुमति न करें। स्कूलों में कैलेण्डर मुताबिक बधाों का सिलेबस पूरा हो। सभी डीईओ समेत माध्यमिक शिक्षा मंडल, डीपीआई, एसईआरटी, सर्व शिक्षा अभियान और राज्य माध्यमिक शिक्षा अभियान को इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

    सभी योजनाओं के लिए शालाकोष का होगा उपयोग

    स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं का कन्वर्जेंस शालाकोष साफ्टवेयर में किया जाएगा। जिससे विभाग में संचालित योजनाएं मध्या- भोजन, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना, छात्रवृत्ति योजना आदि योजनाओं के लिए डाटा सीधे प्राप्त हो सके। इसके अलावा अब शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेने आवेदन सीधे शालाकोष के साफ्टवेयर में अपने आईडी से लॉगिन कर भेज सकेंगें।

    लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर लगेगा अंकुश

    जिले के स्कूलों के ऐसे शिक्षक जो बिना सूचना लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं उनकी जानकारी टैबलेट के आधार पर सीधे अधिकारी आसानी से पता लगा सकेगा। ऐसे में इन शिक्षकों पर अंकुश लग सकेगा। शिक्षा विभाग के करीब 5 हजार शिक्षक और लगभग 1 लाख छात्रों का लॉगिन आईडी तैयार कर इस ऐप को टैबलेट में स्टॉल किया जा चुका है।

    युक्तियुक्तकरण पर भी रोक

    वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्कूल शिक्षा सचिव विकासशील ने कहा कि पहले पोर्टल पर सही डाटा अपलोड किया जाए। अभी अतिशेष शिक्षकों की जो लिस्ट जारी की गई है, उस पर रोक लगाई जाए। डाट अपलोड होने के बाद टैबलेट पर युक्तियुक्तकरण सहित ट्रांसफर आर्डर जारी होगा। अभी फिलहाल यह नहीं किया जाएगा।

    अवकाश स्वीकृति भी ऑनलाइन

    शाला कोष के अंतर्गत शिक्षकों के अवकाश की स्वीकृति भी ऑनलाइन की जाएगी। वहीं उपस्थिति और अवकाश मॉड्यूल के आधार पर पे-डाटा व वेतन देयक भी ऑनलाइन तैयार होगा। इससे अवकाश स्वीकृति व वेतन को लेकर शिक्षकों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। ऐसे में अगर पोर्टल पर गलत डाटा होगा तो इसे संचालित करने में परेशानी आएगी।

    तीन बार ली जाए हाजिरी

    अभी भी शिक्षा में सुधार को लेकर कुछ जानकारों का कहना है कि शासन द्वारा सुबह 10 बजे और शाम 4 बजे ली जाने वाली हाजिरी तो ठीक है। किंतु झारखण्ड की तरह दोपहर के 1.30 बजे ऐसे शिक्षकों की हाजिरी ली जानी चाहिए। जिससे उन शिक्षकों पर भी लगाम लग जाएगी जो स्कूल के करीब निवासरत हैं।

    यहां हो सकती है परेशानी

    जिले के खडगवां, सोनहत और भरतपुर विकासखंड के दुर्गम क्षेत्रों में आज भी मोबाइल सुविधा नहीं है। इन क्षेत्रों में नेटवर्क काम नहीं करता। ऐसे क्षेत्रों में टैबलेट दिए जाने से कैसे निगरानी होगी। इस संबंध में बताया गया कि वह जैसे ही डाटा डालेंगे और कवरेज क्षेत्र में पहुंचेंगे तो उनका डाटा अपलोड हो जाएगा।

    वेतन भी मिले समय पर

    शिक्षक संगठनों का कहना है कि शासन ने शिक्षकों पर लगाम लगाने तमाम तरह की मशीनें तो लगा दी है, किंतु अभी भी समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शासन ने शिक्षकों को अनुशासित करने जो नए तरीके लाई है हम उसका स्वागत करते हैं किंतु शासन को चाहिए कि वह शिक्षकों को वेतन समय पर दें। ताकि उन्हें अपने परिवार के भरण पोषण के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाना ना पड़े।

    फैक्ट फाइल

    टैबलेट वितरण ब्लाकवार

    स्कूल - वितरण

    बैकुंठपुर - 411 - 373

    मनेन्द्रगढ़ - 283 - 269

    सोनहत - 200 - 196

    खडगवां - 302 - 287

    भरतपुर - 310 - 258

    कुल - 1506 - 1383

    और जानें :  # Cellular tablets
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