भिलाई। चुनावी प्रचार में जहां सोशल मीडिया कारगार साबित हो रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर चल रहे विवादों ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। प्रत्याशियों के समर्थक धमकी-चमकी व गाली गलौच तक कर रहे हैं। बता दें कि विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया प्रचार के लिए बढ़ा माध्यम बन गया है। भाजपा व कांग्रेस तथा अन्य दलों के प्रत्याशी व उनके समर्थक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। एक ओर जहां कई प्रत्याशियों का आइटी सेल सकारात्मक प्रचार कर रहे हंै। किसी तरह के विवाद से बचने के लिए निगेटिव पोस्ट से बच रहे हैं, तो कुछ विधानसभाओं में जमकर बहस चल रही है।

गाली गलौच व देख लेने की धमकी तक

वाट्सअप ग्रुप व फेसबुक पोस्ट विवादित भी होते जा रही है। कामेंट्स बाक्स में जमकर गाली-गलौच व देख लेने की धमकी चल रही है। हालांकि कई प्रत्याशी पहले ही कह चुके हैं कि उनके आइटी सेल का यह काम नहीं है। समर्थक किसी बात पर उबल जाते होंगे तो उसके लिए क्या किया जा सकता है।

बता दें कि हर पार्टी व प्रत्याशी का समर्थक वर्ग सोशल मीडिया पर सक्रिय है। सब अपने-अपने नेता के पक्ष में तर्क दे रहे हैं। कुछ लोग निगेटिव पोस्ट भी कर रहे हैं। निगेटिव पोस्ट पर बहस व गाली-गलौच चल रही है। एक दूसरे को देख लेने तथा निपटा देने की धमकी तक दी जा रही है।

शिकायत पर हो सकती है कार्रवाई

भाजपा कांग्रेस तथा अन्य दलों के समर्थक भावना में बहकर दूसरे दल तथा दूसरे दल के प्रत्याशी के खिलाफ पोस्ट डाल रहे हैं। जिसकी वजह से गाली-गलौच व धमकी की नौबत आ रही है। जिला न्यायालय दुर्ग के क्रिमिलन लायर अशोक शर्मा का कहना है कि ऐसे पोस्ट पर शिकायत की जा सकती है। शिकायत करने पर सायबर क्राइम के तहत मामला दर्ज हो सकता है।

शिकायत मिलने पर करेंगे जांच

यदि सोशल मीडिया पर जाति, धर्म या भाषा के आधार पर किसी प्रकार का मैसेज वायरल किया जाता है और उसकी शिकायत होती है तो पुलिस उसकी जांच कर कार्रवाई करेगी। वैसे भी निर्वाचन आयोग के सोशल मीडिया की एक टीम अलग से सभी ग्रुपों पर नजर रखे हुए है। - विजय पांडेय, एएसपी शहर