नवापारा-राजिम। नईदुनिया न्यूज

राजिम कल्प कुंभ में पहुंचे एक साधु ने अपने गरीब दिव्यांग पिता के साथ पहुंची नाबालिग बालिका के साथ बलात्कार करने का प्रयास किया। हालांकि इसी दरम्यान किसी व्यक्ति के आने और उसके द्वारा इसके विरोध करने के बाद वह साधु अपने मसूंबे पर सफल नहीं हो पाया और वहां से भाग गया।

धमतरी जिला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना महाशिवरात्रि की दिन है जब मुड़वारा जिला कटनी मघ्यप्रदेश निवासी दिव्यांग बनोरिया सतनामी अपनी 12 वर्षीय पुत्री के साथ राजिम मेला में भीख मांगने पहुंची थी। वहीं दोपहर 2 बजे उसकी बेटी दुर्गा सतनामी यह कहकर गई थी कि वह बाथरूम जा रही है इसके बाद जब वह देर शाम तक नहीं लौटी तो उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने उनके पिता धमतरी जिला पुलिस बल के पास पहुंचा और रिपोर्ट लिखाने के बाद वह रायपुर के लिए लौट गए। वहीं लगभग 6 घंटे बाद देर शाम 8 बजे लड़की को संत समागम स्थल के पास बरामद किया गया। और उसे वापस धमतरी जिला पुलिस के पास सौंपा गया। तब जाकर उस लड़की की शिनाख्त लापता दुर्गा सतनामी के रूप में की गई। तुरंत जिला पुलिस बल की टीम वापस घर लौटने के लिए रायपुर रेल्वे स्टेशन पहुंचे उसके पिता के पास पहुंचे जहां पर उनकी मुलाकात उसके पिता से हो पाई और जिला पुलिस उक्त नाबालिग लड़की का यथाकुशल सौंप कर वापस आ गई।

बाथरूम गई तो पीछे-पीछे आया था साधु

लड़की के पिता बनोरिया सतनामी ने बताया कि पुलिस से बेटी का वापस मिलने के बाद जब मैंने इस संबंध में पूछा कि वह कहां चली गई थी। तो उसने बताया कि जैसे वह बाथरुम में गई उसके पीछे पीछे एक साधु भी आ गया और जबरदस्ती उसके हाथ पकड़कर उसे खिंचते हुए ले जाने लगा। वहीं एकांत जगह पर उसने मेरी बेटी के वस्त्र भी उतरवा लिया था तभी अचानक कोई व्यक्ति वहां आ गया और उसके द्वारा इसका विरोध करने पर वह साधु डर के मारे भाग गया। जिससे मेरी बेटी की इज्जत बच पाई। लड़की ने कहा कि बेटी ने बताया था कि वह उस साधु का चेहरा पहचान लेगी लेकिन मैं दिव्यांग होने और बेटी को इस घटना से डरा सहमा देख मैं मन मसौटकर चला आया।

छेड़छाड़ की घटना का विरोध पर साधु की पिटाई

वैसे तो संत भगवान का स्वरुप होता है लेकिन राजिम कुंभ मे पहुॅचे साधु संतो की करतूत से नही लगता कि वे यहॉ श्रद्वालुओ का हित करने आये है। ऐसी ही एक और घटना बुधवार को घटी जब एक व्यक्ति अपने पति के साथ राजिम मेला पहुॅचा था वही संत संमागम स्थल के पास उसकी पत्नि को लघुशंका आने पर वह संत समागम स्थल के पास बने शौचालय की ओर गई तो किसी साधु द्वारा उसके हाथ पकड़कर उससे अमर्यादित व अशोभनीय बात करने लगा जिससे डरी सहमी वह महिला अपने पति के पास पहुॅची तब उसके पति ने हिम्मत जुटाकर उस साधु से बात की तो वह उस पर भड़क उठा और अपने कुछ साधु मित्रो के साथ उससे मारपीट पर उतर आया। मारपीट मे युवक को चोट भी लगी। लेकिन पुलिस के रहने के बावजुद भी वह मार खाकर व बिना कोई रिपोर्ट लिखाये वापस घर लौट गया। अब ऐसे मे यह सवाल उठता है कि क्या प्रदेश सरकार इन साधुओ को यहॉ पर किसी के ईज्जात के साथ खिलवाड़ करने के लिए बुलाती है। इसे लेकर नगर के लोगो व अंचल मे काफी आक्रोश है।