0 सरगबुंदिया से किया था अपहरण, छाल में फेंकी थी लाश

0 उधार की रकम वापस मांगने पर की गई थी हत्या

कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

जमीन बेचने के बाद उधार की रकम वापस लौटाने रायगढ़ जिले के एक व्यक्ति को कोरबा बुलाकर उसकी हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी सरगबुंदिया के पास उसे स्कार्पियो में रुपये देने के बहाने बैठाया और चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट की। व्हील पाना से सिर पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

रायगढ़ जिले के छाल में रहने वाले काली महाराज उर्फ हरिहर दास वैष्णव से दुलारी कश्यप ने उधार के रूप में मोटी रकम ले रखी थी। लंबे समय से हरिहर को जमीन बेचने के बाद पैसे वापस लौटाने का झांसा दे रहा था। चार जुलाई को हरिहर को पता चला कि दुलारी ने अपनी जमीन बेच दी है और रजिस्ट्री कराने गया है। इसकी जानकारी मिलने पर उसने मोबाइल से दुलारी से संपर्क किया और अपनी रकम वापस मांगी। दुलारी ने उसे पैसे वापस लेने के बहाने बुला लिया, लेकिन उसकी नीयत रकम वापस करने की नहीं थी। रजिस्ट्री कराकर वह अपनी स्कार्पियो से वापस लौट रहा था। इस दौरान सरगबुंदिया के पास हरिहर वैष्णव मिल गया और उसे अपनी स्कार्पियो में आरोपी ने बैठा लिया। गाड़ी में दुलारी के अलावा कोमल प्रसाद मन्नेवार (32), सूरज कुमार सूर्यवंशी (22), साजन मन्नेवार (20), नरेश कुमार सूर्यवंशी (22), खिलेश कश्यप (22), नागेश कुमार कश्यप (20) भी बैठे हुए थे। सभी अमलडीहा उरगा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। हरिहर वैष्णव ने अपनी रकम वापस मांगी तो चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट करने लगे। यही नहीं व्हील पाना से उसके सिर पर घातक वार कर मौत के घाट उतार दिया गया और छाल के पास शव को ठिकाने लगाकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने लाश मिलने की सूचना पुलिस को दी। मर्ग कायम करने के बाद मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई। उधर हरिहर के लापता हो जाने पर उसके परिजन ने पुलिस में शिकायत की थी। जांच के दौरान मामला खुला गया और सभी आरोपी पकड़े गए। आरोपियों के खिलाफ धारा 341, 364, 365, 120, 302, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायाधीश श्रीमती हिमांशु जैन ने मामले की सुनवाई के बाद सभी को दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।