भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राजनीति की दशा और दिशा में बड़ा परिवर्तन आया है। कई नए चेहरे सत्तासीन हुए तो कई संघर्षों की इबारत लिख रहे हैं, लेकिन एक मिथक अब तक नहीं टूट पाया है। अंकों ने ऐसा गठजोड़ बनाया और समानता दिखाई कि हैट्रिक हो गई है। जीत में भी हैट्रिक और हार में भी हैट्रिक...। इसे संयोग ही कहें कि तीन आम चुनाव में एक पार्टी 10 अंकों के साथ हैट्रिक लगा चुकी है तो दूसरी को सिर्फ एक-एक लोकसभा क्षेत्र में समर्थन मिल रहा है। 15 वर्षों में हर बार एक सीट गंवाने का भाजपा तो 10 सीट हारने का रिकॉर्ड कांग्रेस के नाम दर्ज है।

प्रदेश में लोकसभा का चुनावी बिगुल बज चुका है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बात 2003 के चुनाव में जीत हासिल कर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। 2004 में आम चुनाव तो इसमें भी प्रदेश की 11 सीटों में से भाजपा को 10 सीटों पर सफलता मिली। एकमात्र सीट महासमुंद भाजपा के हाथ से फिसल गई। यहां कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सिर पर जीत का ताज सजा।

2009 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने 11 सीटों में से 10 पर कमल खिलाया, लेकिन कोरबा सीट भाजपा हार गई। यहां से चरणदास महंत ने पंजे की पकड़ को मजबूती दी। इसके बाद 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने फिर 10 सीट जीतने का कीर्तिमान रचा। देश में मोदी लहर को दुर्ग संसदीय सीट ने रोक दिया। यहां ताम्रध्वज साहू ने जीत दर्ज कर कांग्रेस की लाज बचाई।

तीन आम चुनाव में कांग्रेस ने एक-एक तो भाजपा ने 10-10 सीट जीतने का रिकॉर्ड बनाया। यानी भाजपा ने प्रदेश में एक सीट तो कांग्रेस ने 10 सीट हारने का भी रिकॉर्ड बनाया है। 15 वर्षों से दोनों ही राजनीतिक पार्टियों को जनता का समर्थन 10 बनाम 01 मिल रहा है। अंकों को उलटा-पुलटा करने से एक अंक बड़ा हो जाता है और दूसरा अंक छोटा...। इस आंकड़े का तिलिस्म 2019 में टूटेगा या नहीं... इस पर सबकी नजर है।


तीन बार कांग्रेस की लाज बचाने वाले सांसद अब हैं विधायक

15 वर्षों के दौरान तीन आम चुनाव में अलग-अलग लोकसभा सीट से कांग्रेस की नैय्या को पार लगाकार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की लाज बचाने वाले अब छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायक हैं। महासमुंद से 2004 में चुनाव जीते वाले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बना चुके हैं।

वह मरवाही से विधायक हैं। 2009 में कोरबा सीट जीतकर सांसद बनने वाले चरणदास महंत सक्ति से विधायक हैं और वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हैं। वहीं 2014 में दुर्ग सीट जीतकर लोकसभा पहुंचे ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण से विधायक हैं। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में बतौर गृह व लोक निर्माण मंत्री हैं।