0 लिपिकों ने कहा- दयनीय स्थिति है लिपिकीय कर्मचारियों की

0 भोजनावकाश में की नारेबाजी, मुख्य सचिव के नाम सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

वेतनमान सहित विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर लिपिकों ने गुरुवार को भोजनावकाश के दौरान नगर के घड़ी चौक में एकजुट हो जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी उपरांत रैली की शक्ल में कलेक्टोरेट पहुंचे और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चार स्तरीय पद संरचना एवं सभी विभागों में समान भर्ती नियम लागू किए जाने सहित विभिन्न मांगों का निराकरण तत्काल किए जाने कहा है। आठ मार्च तक यदि मांगों और समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो प्रदेश भर के लिपिक राजधानी रायपुर में विशाल धरना-प्रदर्शन व रैली करेंगे।

छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ लंबे समय से वेतनमान सहित विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत है। संघ ने आठ मार्च को प्रदेश स्तरीय आंदोलन का ऐलान भी किया है। इसके पूर्व अपनी मांगों को मनवाने लिपिक वर्गीय कर्मचारी अलग-अलग तरह से शासन का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं। संघ के प्रांताध्यक्ष कौलेन्द्र पाण्डेय व जिलाध्यक्ष दुर्गेश सिन्हा के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में लिपिकगण भोजनावकाश के दौरान घड़ी चौक पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। तत्पश्चात रैली निकाल कलेक्टोरेट पहुंचे। संघ ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्य सचिव को भेजे ज्ञापन में कहा है कि लिपिक प्रशासनिक ढांचे की पहली सीढ़ी है। अलग-अलग ग्रेड के लिपिकगणों की अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं जिसके दायित्व का निवर्हन सभी कर रहे हैं। पद संरचना एवं वेतनमान को लेकर संघ ने मुख्य सचिव की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। यह भी अवगत कराया है कि राजस्थान सरकार द्वारा लिपिक कर्मचारियों का वेतनमान उन्नयन किया जा चुका है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी रमेश शर्मा समिति की लिपिकों के लिए की गई अनुशंसा जिसमें वेतनमान उन्नयन एवं अन्य मांगें शामिल हैं दूर करने की घोषणा की जा चुकी है। मध्यप्रदेश शासन ने तीन स्तरीय समयमान वेतनमान अपने कर्मचारियों को स्वीकृत कर दिया है। छत्तीसगढ़ में भी चार स्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत कराने हेतु लिपिक वर्गीय कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। संघ ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लिपिकीय कर्मचारी पूरे सेवाकाल में जिस वेतनमान में नियुक्त होते हैं उसी वेतनमान में मात्र 2800 के ग्रेड-पे पर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लगभग 35-40 वर्ष की सेवा करने वाले लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। संघ ने कहा है कि यदि वेतनमान सहित चार स्तरीय वेतन संरचना सभी विभागों में समान भर्ती नियम लागू नहीं होने की स्थिति में आठ मार्च को राजधानी में लिपिकों का विशाल धरना-प्रदर्शन व रैली होगा ही। भोजनावकाश में किए गए प्रदर्शन के दौरान प्रांताध्यक्ष कौलेन्द्र पाण्डेय, उप प्रांताध्यक्ष नसीम खान, जिलाध्यक्ष दुर्गेश सिन्हा, अमरेन्द्र वर्मा, सविता आईच, प्रमोद सिंह, संजय पण्डा, रंजना पैकरा, दिलीप सिन्हा, राजेश सिंह, चारुचंद, विनोद सिंह, पवन साहू, तिरुपति शर्मा, अंजलि कुमार, अब्दुल हक खान, रोजालिया मिंज, इलियाजर कुजूर, नरेन्द्र मिश्रा, भुनेश्वर सिंह, राजेन्द्र शर्मा, रंजना बखला, शैलेन्द्र मिश्रा, सत्येन्द्र सिन्हा, जितेन्द्र सिन्हा, अजय त्रिपाठी, अनिल दुबे, ललित तिग्गा, मिथलेश वर्मा सहित काफी संख्या में लिपिकगण सक्रिय रहे।