रायपुर (एक्सक्लूसिव, राज्य ब्यूरो)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के दुर्ग दौरे के लगभग एक माह बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भिलाई दौरा हुआ। मतलब, साफ है कि दुर्ग लोकसभा सीट को लेकर दोनों पार्टियों के बीच भारी खींचतान मची हुई है। कारण यह है कि यह प्रदेश की एकमात्र लोकसभा सीट है, जो कांग्रेस के कब्जे में है।

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इसे वापस पाना चाहती है और भाजपा हथियाने की कोशिश में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत भिलाई में सभा करके पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने और जनता को साने की कोशिश की है, लेकिन यहां के कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू मोदी के दौरे को चुनौती नहीं मानते। उनका कहना है कि मोदी पिछले लोकसभा चुनाव के पहले भी दुर्ग आए थे, लेकिन जनता ने कांग्रेस का जिताया।

प्रदेश में 11 लोकसभा सीटें हैं, जिसमें से 10 में भाजपा के सांसद हैं। एकमात्र दुर्ग लोकसभा सीट कांग्रेस के कब्जे में है। भाजपा छत्तीसगढ़ की बारह की बारह लोकसभा सीट पर कब्जा चाहती है। इस कारण प्रधानमंत्री मोदी ने दो महीने के अंदर छत्तीसगढ़ में दूसरे दौरे के लिए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के भिलाई को चुना। मोदी के दौरे पर सांसद ताम्रध्वज साहू का कहना है कि दुर्ग लोकसभा सीट तो भाजपा के निशाने पर पहले से है।

2014 के लोकसभा चुनाव के पहले जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी वे दुर्ग आए थे। उन्होंने जनसभा भी की थी। उस वक्त भी भाजपा के स्थानीय नेताओं ने यह समझा था कि मोदी लहर का असर दुर्ग लोकसभा सीट पर भी होगा। दुर्ग लोकसभा की जनता पर मोदी का जादू नहीं चला। उन्होंने ऐसे नेता को चुना, जिस पर उन्हें भरोसा था। साहू का कहना है कि सांसद रहते हुए उन्होंने चार साल में जनता के बीच रहकर कई काम कराए। जनता उनके साथ है।

मोदी के सभा में जुटी भीड़ पर साहू का कहना है कि वे पंडाल में दिखने वाली भीड़ से विचलित नहीं हुए, क्योंकि भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं से लेकर पूरा सरकारी अमला भीड़ ढोने में लगाया गया था। चुनाव का समय है, नेताओं का आना-जाना लगा रहेगा। साहू ने कहा कि वे भी गुजरात और देश के दूसरे राज्यों को दौरा करेंगे, क्योंकि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें ओबीसी कांग्रेस प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है।

राहुल के दौरे से घबराकर मोदी आए

दुर्ग संभाग में 20 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें से 11 में भाजपा और नौ में कांग्रेस का कब्जा है। यहां की सभी सीटों में कांग्रेस ने बूथ मैनेजमेंट का काम पूरा कर लिया है। संकल्प शिविर लगाकर जोन, बूथ व पारा-टोला प्रभारियों को चुनावी ट्रेनिंग दी जा चुकी है। दुर्ग संभाग में संगठन को मजबूत करने और जनता को साने के लिए पिछले महीने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आए थे। उन्होंने जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया था और दुर्ग से रायपुर एयरपोर्ट तक रोड शो भी किया था। इसलिए, सांसद साहू का कहना है कि राहुल के दुर्ग दौरे से घबराकर मोदी भिलाई आए थे।