बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कोर्ट की रोक के बावजूद रामटेकरी मंदिर को ट्रस्ट में शामिल करने की कार्रवाई जारी रखने पर बिलासपुर कलेक्टर के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है।

कलेक्टर बिलासपुर पी. दयानंद 13 फरवरी 2018 को परिवार समेत रतनपुर स्थित रामटेकरी मंदिर घूमने गए थे। कलेक्टर अपने मोबाइल से गर्भगृह की फोटो लेने लगे। इस पर मंदिर के पुजारी पंडित महेश दुबे ने उन्हें फोटो लेने से मना किया। इस बात से नाराज होकर कलेक्टर ने एसडीएम कोटा को रामटेकरी मंदिर को ट्रस्ट में शामिल करने का आदेश दिया। एसडीएम कोटा ने दूसरे दिन तहसीलदार, आरआइ, पटवारी के साथ मंदिर की नापजोख की। इसके बाद ट्रस्ट बनाने दस्तावेज तैयार करने लगे। इस पर पुजारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि मंदिर रतनपुर के राज परिवार द्वारा बनवाया गया है। निजी मंदिर होने के कारण ट्रस्ट नहीं बनाया जा सकता। याचिकाकर्ता का परिवार कई पीढ़ी से मंदिर में पुजारी है। मार्च में सुनवाई उपरांत हाईकोर्ट ने रामटेकरी मंदिर को ट्रस्ट में शामिल करने की कार्रवाई पर रोक लगाई है। इसके बावजूद मंदिर को ट्रस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया को जारी रखा गया। पुजारी ने इसे लेकर कलेक्टर बिलासपुर पी. दयानंद के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है। मामले में ग्रीष्म अवकाश के बाद सुनवाई होगी।