बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

रेल प्रशासन ने पहली बार दिव्यांग रेलकर्मियों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की। लेकिन इसमें गिने-चुने ही कर्मचारी खिलाड़ियों ने भाग लिया। ज्यादातर कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी और वे अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित हो गए। प्रशासन की इस कमजोर सूचना प्रणाली से साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे दिव्यांग एसोसिएशन बेहद खफा है। अधिकारियों से मिलकर उन्होंने अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।

खेल आयोजन दिव्यांग कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया था। 13 व 14 अप्रैल को हुई इस प्रतियोगिता के तहत टेबल टेनिस, कैरम एवं शतरंज के इवेंट हुए। नियमानुसार आयोजन समिति को पहले आयोजन की जानकारी देनी चाहिए थी। लेकिन एक भी कर्मचारियों को इसकी सूचना नहीं भेजी गई। बताया जा रहा है कि टूर्नामेंट के एक दिन पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार को इसका पता चला। उन्होंने संबंधित विभाग में जाकर जानकारी ली। इस दौरान बामुश्किल सात से आठ प्रतिभागी ही टूर्नामेंट के दिन पहुंच सके। बॉकी तक सूचना नहीं पहुंची। अध्यक्ष ने सभी दिव्यांग कर्मचारियों से जानकारी ली, तब सभी ने यही कहा कि इस संबंध में किसी तरह का अधिकृत आदेश नहीं पहुंचा। आदेश कार्यालय पहुंचेगा। उसी आधार पर अवकाश मिलेगा। लिहाजा सभी प्रतियोगिता में शामिल होने से वंचित हो गए। जो उपस्थित थे, उन्हीं के बीच प्रतियोगिता कराई गई। इस दौरान टेबल टेनिस में विनीत कुमार और कैरम में कुमार रवि विजेता रहे। बाद में जब इस आयोजन की जानकारी मिली तो कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर की। एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने बताया कि स्पर्धा में प्रतियोगियों की संख्या बहुत ही कम रही। यह सूचना नहीं मिलने के कारण हुआ। अगर संबंधित कार्य स्थलों पर सही समय पर जानकारी भेजी जाती तो दिव्यांग कर्मचारी और उनके आश्रित प्रतियोगिता में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते। उन्होंने कहा जिन्होंने भाग लिया वह बिना तैयारी के आए थे। रेलवे बोर्ड के नियम के अनुसार पहले अभ्यास के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाता। जिससे वह बेहतर से बेहतर प्रदर्शन कर सकते।

सांस्कृतिक प्रतियोगिता की दे रहे जानकारी

खेल के साथ-साथ दिव्यांग रेलकर्मियों के लिए सांस्कृतिक प्रतियोगिता भी होनी है। इस संबंध में भी आयोजक विभाग द्वारा कोई भी जानकारी अब तक नहीं भेजी गई। किसी तरह जानकारी मिलने के बाद एसोसिएशन ने सूचना देने का बीड़ा खुद उठाया। फोन व वाट्सएप के माध्यम से उन्हें सूचना दी जा रही है। ताकि अधिक से अधिक संख्या में अपने कला कौशल का प्रदर्शन कर सके। अध्यक्ष उन तक जाकर आवेदन बांट रहे। साथ ही उनसे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है।

300 से अधिक दिव्यांग कर्मचारी

एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने बताया कि रेल मंडल व हेडक्वार्टर को मिलाकर 300 से 350 दिव्यांग कर्मचारी है। इनमें से कोई कलाकार है तो कई विभिन्न खेलों में पारंगत है। लेकिन रेलवे की लापरवाही के चलते वह इसमें शामिल नहीं हो सके।