रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सरकार बदलने के बाद क्राइम ब्रांच और विशेष अनुसंधान सेल को भंग किए जाने से बिल्डिंग खाली है। अब इस जगह पर जिला पुलिस की तरफ से नई व्यवस्था करने की कवायद तेज हो गई है। खबरों के मुताबिक लंबे समय तक हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ करके उनसे पूछताछ करने वाली क्राइम ब्रांच की बिल्िडग गंज में महिला सुरक्षा संबंधी अपराधों के निराकरण के लिए इंतजाम किए जाएंगे। एसपी नीथू कमल की अगुवाई में महिला थाना काउंसिलिंग से लेकर महिला संबंधी अपराधों में धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की बिल्िडग का इस्तेमाल करने का सुझाव दिए जाने की खबर है। करीबी सूत्रों का कहना है इस बिल्िडग का इस्तेमाल महिला संदेहियों को रखने के साथ ही महिला थाना, महिला सेल और दूसरे थानों में दर्ज महिला संबंधी अपराधों की विवेचना क्राइम ब्रांच की बिल्िडग से होगी। अधिकारिक तौर पर किसी भी अफसर ने पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन गंज थाना के साथ ही निर्भया यूनिट कही जाने वाली महिला विरुद्ध अपराध विवेचना इकाई के सारे कामकाज का संचालन यहां से होगा। अभी जिला पुलिस इस पर विचार कर रही है, पुलिस मुख्यालय की तरफ से अंतिम निर्णय लेने के बाद नई व्यवस्था शहर में देखने को मिलेगी। खाली हो चुके भवनों पर कुछ अफसर ट्रैफिक जोन का कार्यालय बनाने सुझाव देते नजर आए, खबर है एसपी ने अलग-अलग हिस्सों में पहले से ट्रैफिक जोन बनाए जाने को लेकर सुझाव खारिज कर दिया है।

काउंसिलिंग की प्रक्रिया से एसपी नाराज

जिले में पुलिस कप्तान नीथू कमल ने महिला संबंधी अपराधों के संबंध में काउंसिलिंग की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जाहिर की है। खासकर से महिला थाने में वरिष्ठ पुलिस अफसरों की गैरमौजूदगी में पक्षकारों की काउंसिलिंग को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने पिछले दिनों बैठक लेकर अफसरों से इस संदर्भ में चर्चा की। दरअसल महिला थाना में काउंसिलिंग के दौरान केवल टीआई के भरोसे ही कार्रवाई की जवाबदारी तय कर दी जाती है। डीएसपी, एएसपी रहने के बाद भी इनकी उपस्थिति थाने में नहीं रहती। पुराने रिकॉर्ड देखते हुए एसपी ने अब जल्द व्यवस्था बदलने के संकेत दिए।

गंज थाने को मिल सकता है आधा हिस्सा

फाफाडीह सेंट्रल क्राइम ब्रांच के लिए बनाई गई बिल्डींग में गंज थाना को भी कुछ हिस्सा मिल सकता है। महिला हेल्प सेंटर, महिला सेल और महिला थाना के काउंसिलिंग के इंतजाम करने के साथ जिले के थानों में हिरासत में रहने वाली संदेही महिलाओं को रखने अतिरिक्त इंतजाम होंगे। लेकिन बिल्डींग बड़े होने के कारण कुछ हिस्सा गंज थाना के इस्तेमाल के लिए सुपुर्द किया जा सकता है। गंज थाना में जगह की अपर्याप्तता के कारण नए इंतजाम हो सकते हैं।

महिला थाने में जगह की किल्लत

शहर में महिलाओं की समस्या सुनने और महिला संबंधी अपराधों का निराकरण महिला थाने में होता है। यहां घरेलू हिंसा के मामले में काउंसिलिंग भी कराई जाती है। थाने में भीड़ बढ़ने की स्थिति में पक्षकारों को बैठाने तक की समस्या होती है। महिला संदेहियों के पकड़े जाने पर इसी थाने में रखा जाता है।

वर्सन

खाली हो चुकी बिल्िडग के इस्तेमाल के लिए पुलिस जल्द योजना बनाएगी। महिला संबंधी अपराधों की जांच के साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सुझाव मांगे जाएंगे। आवश्यक्तानुसार नई व्यवस्था बनाई जाएगी। - नीथू कमल, एसपी रायपुर