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    करोड़ों की गांजा तस्करी में मुख्य सरगना आंध्रप्रदेश में पकड़े गए

    Published: Thu, 15 Feb 2018 11:22 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 11:54 PM (IST)
    By: Editorial Team
    raipur crime 15 02 2018

    रायपुर। करोड़ों की गांजा तस्करी का फरार मुख्य सरगना रवि नाडार और गांजा सप्लाई के लिए चालक और वाहन की व्यवस्था करने वाले खुशी विजय परम ज्योति को पुलिस ने आंध्रप्रदेश से गिरफ्तार कर गुरुवार को रायपुर लेकर आई। दोनों के पास से 12 लाख 85 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं।

    एडिशनल एसपी सिटी विजय अग्रवाल ने गुरुवार शाम को पुलिस कंट्रोल रूम में मीडिया के सामने गांजा तस्करों को पेश कर बताया कि पिछले दिनों ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े ट्रक क्रमांक ओडी 30-2407 में 1 करोड़ 10 लाख का 11 क्विंटल 14 किलो गांजा मिला था।

    मौके से पुलिस ने आंध्रप्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के बूम्मर थाना क्षेत्र के बूम्मर राज महेंद्रा वरूम निवासी चालक वीवीआर श्रीनिवास राव (56) और कड़ियाम राज महेंद्रावरम निवासी एन श्रीनिवास राव को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में पता चला था कि गांजे की बड़े पैमाने पर तस्करी में आंध्रप्रदेश के कारोबारी संलिप्त हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस टीम मुख्य सरगना को दबोचने विशाखापट्टनम, आंध्रप्रदेश भेजी गई।

    तफ्तीश के बाद रवि नाडार और गांजे की परिवहन की व्यवस्था करने वाले खुशी विजय परम ज्योति को राजमुंद्री, महेंद्रावरम से गिरफ्तार किया गया। रवि इंफोनेट टेक्नोलॉजी प्रालि विशाखापट्टनम का डायरेक्टर है। वह मुंबई एमआईटीसी में ओ एंड एम ठेकेदारी का काम भी करता है। शॉर्टकर्ट करोड़पति बनने की चाह में वह गांजा तस्करी के कारोबार में उतरा।

    विदेश में बच्चों की पढ़ाई

    रवि नाडार ने गांजे की तस्करी में करोड़ों रुपए कमाए हैं। वह हमेशा प्लेन से ही सफर करता है। उसके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं। रवि के कब्जे से गांजे के सौदे की एडवांस रकम 12.85 लाख रुपए बरामद हुए। पूछताछ में उसने सेल्यूर आंध्रप्रदेश से गांजे की तस्करी कर उप्र के आजमगढ़ में सप्लाई करने की बात कबूल की।

    कई खेप में सप्लाई

    रवि ने बताया कि आंध्रप्रदेश से ओडिशा बॉर्डर, फिर छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक तस्करों के द्वारा गांजा भरे वाहनों की पायलटिंग कर सीमा पार कराया जाता है। इस रास्ते से वह पहले भी कई खेप गांजा ले जा चुका है। इससे एक झटके में करोड़ों की आमदनी तस्करों को होती है।

    चालक को प्रति किलो 100 रुपए मेहनताना

    तस्करी में विश्वासपात्र लोगों के वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी को भनक न लगे। यहां तक चालक, कंडेक्टर तक विश्वसनीय होते हैं. बतौर कमीशन इन्हें 100 रुपए प्रति किलो गांजा के हिसाब से भुगतान किया जाता है। रवि ने विशाखापट्टनम और मुंबई में छिपने के कई अड्डे बना रखे हैं।

    कार भी जब्त

    परिवहन की व्यवस्था करने वाले खुशी विजय परम ज्योति के कब्जे से पुलिस ने उसकी स्वीप्ट डिजायर कार क्रमांक एपी 05 डीएस 5767 जब्त किया है। यह कार गांजे की तस्करी में मिली रकम से खरीदी गई थी। अब पुलिस को आजमगढ़ के उस शख्स की तलाश है जिसने गांजा का ऑर्डर दिया था।

    गौरतलब है कि पुलिस ने ट्रक के पीछे की ओर व दोनों मछलियों के नीचे रखे थर्मोकोल के डिब्बों के अंदर प्लास्टिक के कुल 45 डिब्बों में दो-दो किलो के 557 पैकेटों में कुल 11 क्विंटल 14 किलो गांजा बरामद किया था।

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