दंतेवाड़ा। शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दंतेवाड़ा जिले में एक नक्सली कमांडर ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कमांडर का नाम बामन बेको बताया गया है जो नारायणपुर जिले के ओरछा में जनमिलिशिया कमांडर के ओहदे पर काम कर रहा था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम पुलिस द्वारा घोषित किया गया था।

नक्सली कमांडर बामन बेको ने मंगलवार को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय पहुंचकर यहां पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव के सामने हथियार डाले और समाज की मुख्यधारा में जुड़कर एक आम नागरिक की तरह जिंदगी जीने की इच्छा जताई। 26 वर्षीय बामन ने बताया कि वह नक्सल संगठन में साल 2005 में 15 साल की उम्र में बाल संघम सदस्य के रूप में भर्ती हुआ था।

इस दौरान वह नए युवाओं को संगठन में जोड़ने और बाहर से आने वाले बड़े नक्सलियों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था करने के लिए काम करता था। नक्सल संगठन में भेदभाव और खोखली विचारधारा की वजह से संगठन से उसका मोह भंग हो गया और उसने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सली को शासन की पुनर्वास नीति के तरह सभी तरह का सहयोग दिया जाएगा।