दंतेवाड़ा। जिले के कुआकोंडा ब्‍लॉक स्थित फूलपाड़ जलप्रपात से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। दूसरे युवक को गंभीर हालत में मेकॉज भेजा गया। नक्‍सल इलाके में होने से यहां सुरक्षा की कोई व्‍यवस्‍था नहीं है। बावजूद सैलानी मनोरम दृश्‍य का आनंद लेने पहुंचते हैं।

जिला मुख्‍यालय से करीब 50 किमी दूर फूलपाड़ में गुरूवार को गीदम के तीन युवक घूमने गए थे। इस दौरान झरने के ऊपर गीदम निवासी सनित और सुबरनाथ पानी के बीच खड़े होकर फोटो खिंचवा रहे थे। बताया जा रहा है कि इनकी फोटोग्राफी मोबाइल से तीसरा मित्र तामेश्‍वर कर रहा था।

तभी संतुलन खोकर सनित और सुबरनाथ नीचे गिरकर चट्टान में फंस गए। घबराए तामेश्‍वर ने संजीवनी एंबुलेंस बुलाकर उन्‍हें देर शाम बाहर निकालकर कुआकोंडा हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां डॉक्‍टरों ने सुबरनाथ को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल सनित को जिला हॉस्पिटल से जगदलपुर रेफर कर दिया गया।


नहीं है सुरक्षा, जोखिम उठाते हैं पर्यटक

नक्‍सल इलाका होने के बावजूद प्रकृति प्रेमी फूलपाड़ झरना पहुंचते हैं। करीब 150 फीट की ऊंचाई से यहां झरने में पानी गिरता है। इस मनोरम दृश्‍य को कैमरे और आंखों के कैद करने अक्‍सर लोग फूलपाड़ पहुंचते है। यहां सुरक्षा या गाइड के लिए कोई नही रहता और न ही सुरक्षा के कोई उपाय और खतरनाक स्‍थलों से सावधान करने कोई संकेत हैं।

ऐसे में अक्‍सर लोग जोखिम उठाते हादसे के शिकार होते हैं। इससे पहले भी लोग चट्टान से गिरकर घायल हो चुके हैं। करीब दो साल पहले एक पर्यटक इसी तरह ऊंचाई से गिरकर घंटों चट्टान में फंसा रहा। जिसे पालनार और स्‍थानीय युवकों ने रात को रेस्‍क्‍यू कर बाहर निकाला था। उसके बाद यह दूसरा बड़ा हादसा फूलपाड़ प्रपात पर हुआ है।