दंतेवाड़ा। बचेली के वार्ड नंबर 9 से छह दिन पहले अगवा दो ग्रामीणों की नक्सलियों ने की हत्या कर दी। उनका शव बचेली रेलवे यार्ड से करीब 500 मीटर दूर फेंका गया मिला। शव के पास नक्सली पर्चा भी मिला है, जिसमें उन्होंने मारे गए ग्रामीणों पर पुलिस की मुखबिरी की आरोप लगाया है।

मारे गए ग्रामीणों की शिनाख्त ग्रामीण हूंगा कर्मा और भीमा मुचाकी के रूप में हुई। जिन्हें नक्सली 5-6 सितंबर की रात घर से उठाकर जंगल ले गए थे। नक्सली पर्चा भैरमगढ़ एरिया कमेटी की ओर से जारी हुआ है, जिसमें उन्हें पुलिस का मुखबिर बताया गया है।

बचेली पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। दंतेवाड़ा के बचेली थाना प्रभारी सौरभ सिंह ने घटना की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि इसी रात कुआकोंडा थाना इलाके के किडरीरास जंगल में नक्सलियों ने जन अदालत लगाया था।

अदालत में दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों की पिटाई हुई थी। जिनका इलाज पुलिस ने कुआकोंडा और दंतेवाड़ा हास्पिटल में करवाया था। मारपीट के खिलाफ किसी ने पुलिस में लिखित शिकायत नहीं कराई। केवल हूंगा की पत्नी ने शनिवार की शाम बचेली थाने पहुंचकर अपने पति के अपहरण की शिकायत नक्सलियों के खिलाफ की थी। इस दौरान जनअदालत से आधा दर्जन ग्रामीणों के गांव वापस नहीं लौटने की चर्चाएं होती रही हैं।

भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने दिया घटना को अंजाम

छह दिन पहले ग्रामीण हूंगा कर्मा व मुचाकी भीमा सहित आधा दर्जन ग्रामीणों का अपहरण कर लिया था। ग्रामीणों के शव के पास नक्सलियों ने पर्चें फेंके हैं। पर्चों में नक्सलियों ने हूंगा कर्मा व मुचाकी भीमा को गोपनीय सैनिक व पुलिस मुखबिर बताया है।

नक्सलियों के संगठन पश्चिम डिविजनल भैरमगढ़ एरिया कमेटी के नाम से शव के पास पर्चे फेंके गए हैं। पुलिस ने नक्सल हिंसा का मामला दर्ज कर लिया है। मामले में जांच भी की जा रही है। गौरतलब है कि बीते शनिवार को भी नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी। इस घटना में 25 से अधिक ग्रामीणों को चोटें आईं थीं।