दंतेवाड़ा। नईदुनिया प्रतिनिधि

शारदीय नवरात्र के पंचमी पर मांईजी के दर्शन के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। दिन भर में 25 हजार से अधिक श्रद्घालुओं ने मांई के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आशीर्वाद लेने पहुंचे श्रद्घालुओं की मांईजी के प्रति आस्था इसी बात से जाहिर होती है कि वे घंटों कतार में लगे रहे। चाहे वह किसी भी उम्र या समुदाय का रहा हो। माता के जयकारे के साथ श्रद्घालु मंदिर से कोतवाली के सामने तक लंबी कतार लगाए थे। भजन- कीर्तन के साथ दंतेश्वरी माता के जयकारे से मंदिर परिसर ही नहीं नगर गुंजायमान हो रहा है। नवरात्र पर मंदिर सहित पूरे नगर में मेले सा माहौल है। मांईजी के पूजा सामग्री सहित फल, मिष्ठान और अन्य दैनिक जरूरतों के सामान लेकर बाहर से व्यापारी पहुंचे हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सामग्रियों की दुकान हैं जहां खिलौने से लेकर श्रृंगार और कपड़े की दुकानें लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

वाहनों की लगी लंबी कतार

मंदिर पहुंचे रहे श्रद्घालुओं को नियंत्रित करने पालिका और पुलिस प्रशासन के साथ स्काउट- गाइड और एनसीसी कैडेटों ने मोर्चा संभाल रखा है। श्रद्घालुओं को पानी पिलाने से लेकर अन्य सहयोग कर रहे हैं। उधर मंदिर से बाहर भारी वाहनों को नगर में प्रवेश पर प्रतिबंधित करते चितालंका के पास बाइपास से किरंदुल- बचेली भेजा रहा है। कार- जीप तथा बाइक के लिए आंवराभाटा और नपा कार्यालय के पास स्टैंड बनाया गया है। बावजूद कुछ चारपहिया वाहन डंकनी नदी के पुल पर ही पाकिर्ग कर रहे हैं। इससे पदयात्री और दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इस ओर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।

भंडारे के लिए भटक रहे श्रद्घालु

देवी दर्शन के लिए आने वाले श्रद्घालुओं की सुविधाओं के लिए रास्ते में केंद्र खोले गए हैं, जहां चिकित्सा विभाग के लोगों के साथ समाजसेवी भोजन- जलपान आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। बावजूद इसके मंदिर परिसर व आसपास ऐसी व्यवस्था न होने से लोग परेशान नजर आए। ज्ञात हो कि इससे पहले मंदिर परिसर में भी जगदलपुर के एक समाजसेवी संगठन पूरे 10 दिनों तक सुबह से देर रात तक भंडारे का आयोजन करते रहे। इस वर्ष संगठन के लोग नहीं पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अन्य जिलों से पहुंच रहे श्रद्घालुओं को काफी दिक्कत हो रही है। मंदिर के आसपास भंडारे का आयोजन हो रहा है और न ही ठीक-ठाक होटल की व्यवस्था है। इसके चलते लोगों को भोजन और नाश्ते के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि टेंपल कमेटी द्वारा परिसर में प्रसाद वितरण की व्यवस्था है लेकिन यह व्यवस्था कुछ घंटे के लिए होती है। यहां समिति कभी हलवा-पुरी तो कभी खीर और सब्जी-पुरी का वितरण करती है। सीमित सामग्री होने से जल्द खत्म हो जाता है। श्रद्घालुओं का कहना है कि मंदिर समिति या समाज प्रमुखों द्वारा ग्रामीण श्रद्घालुओं के लिए खिचड़ी वितरण की व्यवस्था करते तो बेहतर होता।

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