दंतेवाड़ा(योगेंद्र ठाकुर)। नईदुनिया प्रतिनिधि

डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड की महिला सुपर-30 की फाइटर्स अब रात्रि गश्त पर भी निकलने लगी हैं। बुधवार की रात को इनकी टीम जंगल में गश्त करती नजर आई। अब जिले में गश्ती और आपरेशन के दौरान महिला ग्रामीणों के साथ शोषण की शिकायत पर अंकुश लगने की बात अधिकारियों ने कही है। साथ ही कहा कि यह महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता का भी उदाहरण है।

जिले में डीआरजी की बटालियन में 30 महिला कमांडो को शामिल किया गया है। इन्हें जंगलवार कैंप के साथ नक्सली मोर्चे पर लड़ाई की विशेष ट्रेनिंग मिली है, जिसे दंतेश्वरी सुपर-30 महिला फाइटर्स के नाम से पहचान दी गई है। इन कमांडो को पिछले दिनों पुरुष जवानों के साथ जंगल में उतारा गया था, जिसमें सफलता भी मिली थी। एक इनामी महिला कमांडर को इन्होंने मार गिराया था। अब सुपर-30 कमांडो ने रात्रिकालीन गश्त पर भी जाना शुरू कर दिया है। बुधवार को जिले में भाजपा विधायक दल के प्रवास के दौरान रोड ओपनिंग पार्टी में भी शामिल रही। रात को इन्हें नक्सल इलाके में सर्चिग पर भेजा गया, जहां सहर्ष महिला फाइटर्स पहुंचीं और उत्साह से गश्त करती रहीं। इस तरह का प्रयोग कर जिला पुलिस ने एक नया उदाहरण पेश किया है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रयोग से जहां नारी सम्मान हुआ है वहीं आपरेशन के दौरान फोर्स पर लगने वाले आरोपों से भी बचाव होगा। ज्ञात हो कि कई आपरेशन के दौरान ग्रामीण महिलाओं के साथ दुर्व्‌यवहार और अन्य आरोप फोर्स पर लगते रहे हैं, जिसे कथित समाजसेवी और मानवाधिकारी मुद्दा बनाकर न्यायालय तक ले जाते हैं।

'डीआरजी की महिला सुपर-30 फाइटर्स अब रात्रिकालीन गश्त पर पुरुषों के साथ जाने लगी हैं। वे आक्रामक रूप से नक्सल आपरेशन को सफल बनाना चाहती हैं। यह नारी सशक्तिकरण का उदाहरण भी है।'

-डॉ. अभिषेक पल्लव, एसपी, दंतेवाड़ा

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