दंतेवाड़ा। पुलिस ने मंगलवार की सुबह अरनपुर थाना क्षेत्र से जिस महिला नक्सली को गिरफ्तार किया है। वह मलांगीर एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य और पांच लाख रुपये की इनामी है। चौंकाने वाली बात यह है कि नक्सली लीडर गांव में एक आम ग्रामीण महिला के रूप में रहकर संगठन को मजबूत कर रही थी। कई वारदातों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी है। वह ग्रामीणों की बैठकें लेने के साथ युवाओं को संगठन में लगातार शामिल करने का भी काम करती रही।

नक्सलियों का यह नया पैतरा जंगल में फोर्स के बढ़ते दबाव के बाद बनाया गया है। इसका लाभ नक्सलियों को मिलता रहा। गिरफ्तार नक्सली कोसी नुप्पो उर्फ मंगली ने पुलिस को बताया कि अकेले नीलावाया गांव के ही दो दर्जन ग्रामीण को संगठन में जोड़कर पद भी दिलवाया है।

दुभाषिए की मदद से मंगली ने बताया कि 2011 ने नक्सली लीडर बदरू के कहने पर नक्सली संगठन में शामिल हुई थी। जंगल में फोर्स की आमदरफ्त बढ़ने से वह 2015 में गांव लौट आई। गांव में रहकर नक्सली लीडरों के लिए भोजन, बैठक आदि की व्यवस्था करती थी। साथ ही ग्रामीणों की बैठक खुद लेकर उन्हें संगठन में जोड़ती है।

नक्सली मंगली ने बताया कि जनाधार टूटने के डर से गांव में रहकर संगठन के लिए काम करने की रणनीति बनाई गई है। नक्सली लीडरों ने उसे 12 बोर बंदूक दिया है जिसे घर पर छिपा कर रखने की बात कोसी नुप्पो उर्फ मंगली ने कही है।

विवाह करने वाली थी नुप्पो

कोसी नुप्पो जल्द ही विवाह करने वाली थी ताकि फोर्स को उस पर शक न हो। उसने बताया कि उसका विवाह नागलगुड़ा के हूंगा नामक ग्रामीण से हो रही थी। नुप्पो हूंगा के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोली, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने हूंगा को नागलगुड़ा कमेटी का सदस्य बता रहे हैं।

'ग्रामीणों के बीच लगातार गिरते जनाधार से घबराए नक्सलियों ने पांच-छह गांव के बीच ऐसे एक्टिव काडर तैयार किए हैं। जो आम ग्रामीण बनकर संगठन के लिए काम कर रहे हैं। अरनपुर के रेवाली ताड़पारा की कोसी नुप्पो भी उसी काडर का हिस्सा है। ऐसे लोगों की पहचान होने लगी है।' - डॉ. अभिषेक पल्लव, एसपी दंतेवाड़ा