दंतेवाड़ा। सुकमा बार्डर में ज्वाइंट आपरेशन के बाद लौट रहा एक जवान नक्सलियों के प्रेश्ार बम से घायल हो गया। उसका उपचार जिला हॉस्पिटल में चल रहा है। डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है लेकिन एक पैर का पंजा और निचला हिस्सा बूरी तरह जख्मी है।

गुरुवार को सुकमा बार्डर के फुलबगड़ी जंगल में दंतेवाड़ा और सुकमा की फोर्स ने ज्वाइंट आपरेशन चलाया था। जिसमें एक नक्सली को मारने में सफल रहे। इस आपरेशन के बाद दंतेवाड़ा के जवान वापस लौट रहे थे। शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे अरनपुर थाना क्षेत्र के ककाड़ी जंगल में नक्सलियों के प्रेशर बम की चपेट में आकर सहायक आरक्षक रैनू भास्कर घायल हो गया।

जमीन के अंदर छिपाए बम पर रैनू का बायां पैर पड़ने से विस्फोट हो गया। इस हादसे में रैनू के पैर का पंजा और घुटने की नीचे का हिस्सा बूरी तरह जख्मी हो गया। इसके अलावा दूसरे पैर के जांघ और शरीर के अन्य हिस्से में भी बारूद व पत्थर- कील से जख्म हुए हैं। घायल जवान को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने उपचार के बाद खतरे से बाहर बताया है।

नक्सलियों ने फंसाया जवान को

आपरेशन से लौटे जवानों के अनुसार तीन दिन पहले वे आपरेशन में सुकमा बार्डर के जंगल में गए थे। आज उनके लौटने की जानकारी नक्सलियों को मिल गई थी। इसलिए ककाड़ी के मुख्य मार्ग के पास सुबह कुछ सदिग्ध ग्रामीण वेशभूषा में बैठे थे। जब फोर्स करीब पहुंची तो वे लोग जंगल की ओर भागने लगे।

इस पर कुछ जवानों ने घेरने के लिए उनके पीछे लग गए। इस दौरान रैनू का बायां पैर प्रेशर बम में पड़ गया। माना जा रहा है कि जवानों को गुमराह करने के लिए ही नक्सली सड़क किनारे बैठे और फिर जंगल की ओर भागे। उनकी साजिश को समझे बिना ही जवान भी नजदीकी मामला होने से पकड़ने के लिए उनका पीछा किया।