रायपुर। जिले में लापता लोगों की खोजबीन के लिए पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों को एक हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा है फिर भी गुम इंसान केस के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला पुलिस बल के ज्यादातर कर्मचारी कैश रिवार्ड से ही अंजान हैं। यहां तक एसपी कार्यालय के गुम इंसान सेल के पदाधिकारियों को ही इसके बारे में जानकारी नहीं है, नतीजतन सामान्य ड्यूटी की तरह ही कर्मचारी खोजबीन में जुटे हैं।

आकड़ों पर गौर करें तो पेंडेंसी बढ़ने के साथ नाबालिग किशोरियों के लापता होने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने 'ऑपरेशन लापता" का आगाज करते हुए गुम लोगों की खोजबीन करने वाले प्रत्येक पुलिसकर्मी को एक-एक हजार रुपये कैश रिवार्ड देने की योजना लागू की है। सभी जिला अधीक्षकों के नाम पर आदेश भी जारी किया गया है, लेकिन लोवर स्टाफ तक जानकारी नहीं पहुंच पाई। योजना का उद्देश्य पुलिसकर्मियों में खोजबीन के लिए उत्साह जगाना था, ताकि पेंडेंसी जल्द से जल्द कम हो।

गुम इंसान सेल का ही बुरा हाल -

जिले में गठित गुम इंसान सेल का ही बुरा हाल है। पुलिस लाइन से मिले एक खटारा वाहन के भरोसे स्टाफ को खोजबीन का जिम्मा दिया गया है। तीन से चार सदस्यीय इस टीम से पता चला कि कई बार ऐसे हालात हो जाते हैं कि धक्का देकर गाड़ी चालू करनी पड़ती है।

234 किशोर-किशोरियों का पता नहीं-

मिली जानकारी के अनुसार रायपुर जिले से लापता 234 किशोर किशोरियों का अब तक सुराग नहीं मिल सका है। ये आकड़े पूरे 32 थानों को मिलाकर है। 6897 लापता नाबालिगों में से 6663 को पुलिस बरामद कर पाई। गुम इंसान सेल, क्राइम ब्रांच यूनिट और थाना स्टाफ से विंग तैयार कर गुमशुदा केस में जांच पड़ताल करने की व्यवस्था की गई है। इनाम भी कम नहीं कर सका गुम इंसान प्रकरणों का बोझ गुम इंसान के प्रकरणों में थाना स्तर पर भी गंभीरता से जांच करने कहा गया है। विशेष अभियान के तहत लापता लोगों की खोजबीन चल रही है। उल्लेखनीय कार्य करने पर स्टाफ को सम्मानित किया जाएगा। - प्रफुल्ल ठाकुर, एएसपी सिटी