कोरर, धमतरी । ग्राम तालाकुर्रा में 17 गरीबों के मकान को एक साथ तोड़ दिया गया जिससे सभी पीड़ित भरी बरसात में सड़क पर आ गए हैं। दिनभर पेड़ के नीचे गुजारा करने के बाद रात को सभी सड़क के किनारे बने यात्री प्रतिक्षालय में शरण लेने को मजबूर हैं।

पीड़ितों के अनुसार इनके मकान को ग्राम पंचायत व वनविभाग की टीम ने बिना पूर्व सूचना के तोड़ दिया है। पीड़ित परिवार के कसेर कोर्राम, कबीर कोर्राम, बीरबल कोर्राम, रूखमणी कोर्राम, अवासिन बाई कोर्राम, लव कुमार, महाराजा, कुश कुमार, गौरी आदि ने बताया कि हमारा नाम मतदाता सूची में भी दर्ज नहीं है।

बावजूद हमारे मकान को भरी बरसात में तोड़ दिया गया, जिसके चलते हमारे छोटे बच्चे और महिलाएं खुले आसमान के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। गांव से बाहर खाली जमीन पर छोटी-छोटी झोपड़ी बनाकर चार साल से जीवन यापन कर रहे थे।

किसी तरह बच्चों को पढ़ा रहे थे। हमारा आधार कार्ड भी ग्राम तालाकुर्रा का ही है. जबकि राशन कार्ड मकान तोड़ने से मलबे में दब गया। घर में रखा अनाज और अन्य महत्वपूर्ण चीजें भी नष्ट हो गई है। हम घर-घर सांप दिखाकर जीवन यापन करते हैं। किसी तरह अपनी झोपड़ी तैयार किए थे मगर प्रशासन ने एक झटके में सब कुछ तबाह कर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से राहत राशि दिए जाने की मांग की है।

नियमानुसार हुई कार्रवाई इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी जहीर अहमद बख्श ने पूछे जाने पर बताया कि वन विभाग की जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण का मामला है। ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के बाद सबकी सहमति से अतिक्रमण हटाया गया। दूसरे पक्ष को कई बार कब्जा हटाने की नोटिस दी गई थी मगर जब बात नहीं मानी गई तो कार्रवाई की गई।