सिर्री। नईदुनिया न्यूज

पंजीयन में त्रुटि के कारण किसान को खेत का रकबा कम हो गया। अब वह सोसाइटी में धान नहीं बेच पा रहा है। पंजीयन करते समय हुई त्रुटि की सजा किसान भुगतने मजबूर हैं।

कुरुद क्षेत्र के ग्राम ग्राम गातापार आ के किसान नंदकुमार साहू पिता पुनीत राम साहू ने कोड़ेबोड़ के सोसाइटी में धान बेचने के लिए पंजीयन करवाया था। त्रुटिवश नंदकुमार का साढ़े सात एकड़ खेत को सवा दो एकड़ कर दिया है। इससे साढ़े पांच एकड़ रकबे का कम पंजीयन हुआ। अब किसान सोसायटी में धान नही बेच पा रहा है। इससे किसान को नकुसान उठाना पड़ रहा है। नंदकुमार ने बताया कि यह त्रुटि पहली बार नही हुई है, लगातार तीन साल से हो रही है। समिति की लापरवाही से ऐसा हुआ है। समिति में जाकर गलती की जानकारी देने के अलावा इसकी शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की जा चुकी है। एसडीएम, तहसीलदार, विपणन संघ, उपपंजीयक, मंत्री अजय चन्द्राकर, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के पास भी आवेदन दिया गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। किसान ने कहा कि अपने खाते के माध्यम से धान बेचा नहीं हूं। बैंक में मुझे पूर्व बकाया कर्ज पटाने का नोटिस थमा दिया। नंदकुमार के मुताबिक उन्होंने साढ़े 5 एकड़ रकबे की ऋण पुस्तिका के आधार पर कर्ज लिया है और उसी को छोड़ कर पंजीयन किया गया है। पिछले वर्ष 2015-16 में 2 एकड़ का पंजीयन समिति वालों ने छोड़ दिया था। इस संबंध में समिति के अध्यक्ष कमलनारायण साहू का कहना है कि वास्तव में त्रुटि हुई है।

हमारी कोई गलती नही है

कोड़ेबोड़ समिति के प्रबंधक रोहित साहू का कहना है कि पंजीयन में हमारी कोई गलती नहीं है। किसान ने स्वयं तहसील कार्यालय में पंजीयन करवाया है। यहां किसान जब टोकन कटवाने आया, तब पता चला कि गलत पंजीयन हुआ है। समिति की तरफ से किसान की सहायता करने के लिए आवेदन भी लगाया गया। कलेक्टर जनदर्शन में किसान की शिकायत के बाद प्रशासन की तरफ से जवाब मांगा गया था। समिति ने जवाब भेज दिया है।