धमतरी। छत्तीसगढ़ के दूसरे बड़े बांध गंगरेल (रविशंकर जलाशय) में इस साल पानी की बम्पर आवक हुई। 8 दिनों में इस बांध से 14.182 टीएमसी पानी महानदी में बहाया गया। छोड़े गए इस पानी की मात्रा की तुलना गंगरेल बांध के कुल 27 टीएमसी उपयोगी जल से की जाए तो छोड़े गए पानी की मात्रा 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद वर्तमान स्थिति में बांध में 31.051 टीएमसी पानी उपलब्ध है।

21 अगस्त से पानी छोडऩा प्रारंभ हुआ। जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 21 अगस्त को 1.01 टीएमसी, 22 अगस्त को 1.161 टीएमसी, 23 अगस्त को .888 टीएमसी, 24 अगस्त को .458 टीएमसी, 25 अगस्त को .371 टीएमसी, 26 अगस्त को .998 टीएमसी एवं 28 अगस्त को 9.686 टीएमसी पानी छोड़ा गया।

पहली बार 1 गेट खुला। फिर 4 गेट खोले गए। इसके बाद गेट खुलने की संख्या बढक़र अधिकतम 11 हुई। इस तरह इन 8 दिनों के भीतर 14.182 टीएमसी पानी गंगरेल बांध से छोड़ा गया।

यह बांध की कुल उपयोगी क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक होता है। जिसे महानदी और मुख्य केनाल मेंं बहाया गया। बांध में पानी भरने की क्षमता 32 टीएमसी है। वर्तमान स्थिति में गंगरेल बांध में 31.05 टीएमसी पानी उपलब्ध है। वर्तमान में गंगरेल बांध के 5 गेट से 30 हजार क्यूसेक पानी बहाया जा रहा खोले गए 11 में से 6 गेट बंद कर दिए गए हैं। अब तक बांध से 14 टीएमसी पानी बहाया जा चुका है।।