धमतरी। भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत ट्रायबल टूरिस्म सर्किट के तहत छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित गंगरेल डेम के बरदिहा लेक व्यू टूरिस्ट कॉटेज का केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फॉन्स ने शुक्रवार को लोकार्पण किया।

उन्होंने गंगरेल डेम और उसके आस-पास की स्थलाकृति की तारीफ करते हुए कहा कि यह देश के सबसे खूबसूरत स्थलों में एक है। अब यहां प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दुनियाभर के लोगों का रूझान इसकी तरफ बनेगा। हमारे देश में इस तरह का आर्टिफिशियल बीच का निर्माण कहीं नहीं हुआ है।

आज हिंदी दिवस है, इसलिए हिंदी में ही बात करूंगा

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेरी हिंदी खराब है पर आज चूंकि हिंदी दिवस है इसलिए अपनी बात हिंदी में ही कहना चाहूंगा। मैं केरल राज्य से बिलॉन्ग करता हूं। गंगरेल का प्रोजेक्ट बहुत अच्छे से किया गया है। सभी को इसलिए इस कार्य के लिए बधाई देता हूं। केरल से भी अच्छा छत्तीसगढ़ का गंगरेल डैम और उसके आसपास का एरिया है। यह बहुत ही खूबसूरत है।

कलात्मकता का अनूठा नमूना है यहां का कैफेटेरिया

उन्होंने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ में मेरा यह मेरा दूसरा प्रवास है। आज से लगभग 40 साल पहके सन 1979 में ट्रेनिंग के दौरान मुझे अविभाजित मध्यप्रदेश के इस हिस्से में आने का मौका मिला था। मैं भारत देश के कई राज्यों में गया हूं पर उनमें यह स्थान सबसे खूबसूरत स्थान है। मैंने ऐसा शानदार स्थान कहीं नहीं देखा है। यहां बनाए गए कॉटेज, कैफेटेरिया एरिया बहुत ही कलात्मक ढंग से बनाए गए हैं। इस कलात्मक कार्य के लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ करता हूं। केंद्र की ओर से अलग-अलग राज्यों को पर्यटन के विकास के लिए राशि दी जाती है, पर छत्तीसगढ़ में जिस तरह का काम हो रहा है, वैसा कहीं देखने को नहीं मिला है।

लोग हो रहे जागरूक, समझ रहे सफाई का महत्व

छत्तीसगढ़ राज्य में सभी गरीबों को रियायती दर पर बिजली दी जा रही है। वहीं सबको 2022 तक प्रधानमंत्री आवास के तहत सभी को मकान देने का लक्ष्य भी पूरा कर लिया जाएगा। यहां सभी गरीबों को हेल्थ इंश्योरेंस मिल रहा है। दुनिया के किसी राज्य में ऐसा नहीं है। इंडिया के सभी प्राइवेट अस्पतालों में गरीब जा सकते हैं। इसके 5 लाख का खर्चा सरकार के बजट से दिया जा रहा है। सरकार ने ऐसी स्कीम बनाई है जिसके तहत यह संभव हुआ है। पहले हमारे देश में सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी बहुत ज्यादा थी। था लोग जागरूक हो रहे हैं और सफाई नजर आने लगी है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय का निर्माण हुआ है। बिजली दी जा रही है। स्वच्छता को लेकर इतनी जागरुकता आई है कि छोटे-छोटे बधो भी चॉकलेट के रैपर यहां वहां फेंकने की बजाय डस्टबिन में डालने लगे हैं। राजधानी रायपुर व नया रायपुर जितना साफ सुथरा भारत के अन्य राज्य में नहीं है। नया रायपुर में रोड के किनारे जो साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं वह भी अपने आप में अनोखा है। पेड़-पौधों का रोपण किया गया है।

राज्य सरकार किसानों के लिए कर रही बेहतर कार्य

उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य में किसानों के लिए बेहतर कार्य कर के देश ही नहीं बल्कि विदेश के लिए भी एक अच्छा मॉडल छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रस्तुत किया है। किसानों के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को राज्य सरकार ने बढ़ाया है। पर्यटन विभाग की सचिव से उन्होंने कहा कि आप योजनाएं बनाइए टेक्निकल सपोर्ट और फाइनांशियल सपोर्ट केंद्रीय पर्यटन मंडल द्वारा किया जाएगा।

अपने आप में अनूठा है यह प्रोजेक्ट

उन्होंने आगे कहा कि साढ़े चार साल में केंद्र की मोदी सरकार ने बेहतर कार्य किया है। आने वाले साल में केंद्र सरकार ऐसा कार्य करेगी जो पिछले 70 साल में नहीं हुआ है। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं हैं। और उसके लिए हम मिलकर कार्य करेंगे। जो भी कमियां है उसको पूर्ण करेंगे। गंगरेल बांध क्षेत्र में जो भी सुविधाएं दी गई हैं उनको सभी को उपलब्ध कराया जाए। यह अधिकारियों के लिए नहीं है बल्कि नागरिकों नागरिकों के लिए इसलिए इस कॉटेज और कैफेटेरिया व अन्य स्थान को शाम पांच बजे तक न बंद किया जाए बल्कि इसे देर रात तक खोला जाए ताकि आम जनता इसका लाभ उठा सके। अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति, सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि छतीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से यहां जो कार्य हुआ है, उससे निश्चित ही यहां का विकास होगा।

ट्राइबल टूरिज्म सर्किट का जो अपने कांसेप्ट अपने आप मे अनूठा

विशेष अतिथि प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संसदीय कार्य मंत्री अजय चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन में बहुत काम हुए हैं। किसी समय सबसे साइट उत्खनन छत्तीसगढ़ में हो रहा था। छठी शताब्दी की सभ्यता दुनिया के सामने उभर कर आई। वह स्थान नालंदा से अधिक प्रबुद्घ जगह थी। नालंदा जिस जगह था वह राजनीतिक रूप से प्रबुद्घ लोगों के स्थान पर था। इस कारण उस स्थान की महत्ता बढ़ गई। जागरूकता की कमी, हमारी उपेक्षा का कारण बनी। अब जो हम कदम बढ़ा रहे हैं बिना अल्फांसो साहब के संभव नहीं होगा। भारत सरकार के समर्थन के बिना यहां विकास नहीं होगा। छत्तीसगढ़ की अपनी एक सीमाएं हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि ट्राइबल टूरिज्म सर्किट का जो अपने कांसेप्ट दिया है, वह अनूठा है। उस संबंध में आपसे सरकार की ओर से यह कहना चाहूंगा कि आपकी सोच से पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय साथ-साथ चलता है, उससे विकसित अवसर से संस्कृति का विकास होगा। इस अवसर से विकसित संस्कृति से हम छत्तीसगढ़ की अपसंस्कृति को निश्चित तौर पर पराजित कर एक कदम आगे बढ़ेंगे।