धमतरी । ग्राम पंचायत रुद्री के बाजार चौक के पास रहने वाले सूर्यकांत साहू को गोवंश से खासा लगाव है। इसी के चलते वे बीते 10 सालों से बेसहारा मवेशियों की सेवा करते आ रहे हैं। अब तक वे 50 से अधिक गोवंश की सेवा कर चुके हैं।

पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने खाली पड़े स्थान पर वे रोड किनारे में ही जानवरों को बांधकर दाना,चारा और पानी की व्यवस्था स्वयं के खर्च पर करते हैं। उन्होंने बताया कि वे बीते 10 सालों से यह कार्य करते आ रहे हैं। उनके कृषक पिता भी गौवंश की विशेष देखभाल करते थे।

वर्तमान में शहर व आसपास के गांव में बनाए गए कांजी हाउस में बेसहारा मवेशियों को पकड़कर रख दिया जाता है, पर उनकी सही देखरेख नहीं की जाती। कांजी हाउस में जानवरों की उचित देखरेख की जानी चाहिए।

जानवरों को सभी सुविधा देने अपने स्तर पर भरसक कोशिश करते हैं। कई बार खर्च अधिक बढ़ने के कारण इन मवेशियों को कांजी हाउस में ले जाकर छोड़ने भी चाहते हैं, लेकिन गोशाला वाले इन जानवरों को नहीं रखते। मजबूरन यहां पर रख कर उनकी सेवा करनी पड़ रही है।

प्रशासन इस कार्य में सहयोग दे, तो सड़क किनारे घूम रहे बेसहारा मवेशियों की जान तो बचेगी ही हमारे शहर का यातायात भी बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि उनके इस कार्य में कुछ बुद्धिजीवी लोग भी आकर सहयोग करते हैं।

ऐसे मिली प्रेरणा

सालों पहले जब वे श्यामतराई मार्ग से गुजर रहे थे, तो एक गाय घायल अवस्था में पड़ी थी। उसकी उन्होंने मरहम पट्टी की। कुछ ही देर बाद वह गाय चलने लगी, गाय को चलता देख जो खुशी मिली, उसका एहसास करने के बाद से उन्होंने गोवंश की सुरक्षा व देखरेख का मन बना लिया। मूलत: कृषि कार्य करने वाले सूर्यकान्त अब तक 50 से अधिक गोवंश की सेवा कर चुके हैं।

बेजुबान जानवरों की देखरेख ही सच्ची मानवता

सूर्यकांत का कहना है कि हर इंसान को बेजुबान जानवरों की देखरेख करने का प्रयास करना चाहिए, यही सच्ची मानवता है। आज जब गोवंश के नाम पर लाखों रुपये का अनुदान लेकर गौशाला संचालित हो रही है, उसके बाद भी जब सड़कों पर बेसहारा मवेशी नजर आते हैं तो इन गौ शालाओं का क्या मतलब रह जाता है। ऐसे में सूर्यकांत जैसे सच्चे गो सेवकों का प्रयास लोगों के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। ऐसे लोग का कार्य बताता है कि यदि मन में सेवा का भाव हो तो रहें अपने आप आसान हो जाती हैं।