धमतरी । भारी बारिश ने डुबान व निचले क्षेत्रों पर खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान फसल के ऊपर से पानी का तेज बहाव चल रहा है। इससे धान के पौधे कई स्थानों पर लेट गए हैं तो कई खेतों में पौधे डूब गए हैं। जल्द ही खेतों से पानी नहीं निकलता है, तो पौधे सड़ जाएंगे।

कृषि विभाग ने जिलेभर के 187 गांवों के पांच हजार से अधिक किसानों के धान प्रभावित होने का अनुमान लगाया है। जिले के धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी ब्लाक के किसानों ने 1 लाख 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्रों में धान फसल लगाई है।

इनमें से हजारों एकड़ फसल डुबान क्षेत्र व निचली खेतों में लगा हुआ है, जिन पर भारी बारिश कहर बनकर टूटा। खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है। अधिक गहराई वाले खेतों के ऊपर से पानी का तेज बहाव है। इससे धान के खेतों पर खतरा मंडराने लगा है।

प्रभावित किसान विनोद कुमार, विजय कुमार, मनबोध लाल, खोरबाहरा राम ने बताया कि ग्राम मुजगहन, पोटियाडीह, लोहरसी, श्यामतराई, चिखली, अरौद डुबान, बरबांध, माटेगहन, दुगली, कुकरेल, केरेगांव क्षेत्र में बताया कि अंचल में भारी बारिश का विपरीत असर खेतों पर पड़ा है।

पिछले तीन दिनों से उनके धान फसल पानी में डुबा हुआ है। पौधों के ऊपर से पानी का बहाव है। समय रहते पानी कम नहीं हुआ, तो धान के पौधे सड़ जाएंगे। प्रभावित किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, क्योंकि धान के पौधे खेतों में लगभग तैयार थे।