राममिलन साहू, धमतरी। लग्जरी कार मेंटेन करने और महंगी बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने भी राजनीतिक पहुंच के दम पर शासकीय योजना का लाभ पाने के लिए खुद को असंगठित कर्मकार बताकर श्रम विभाग में पंजीयन करा लिया था। ऐसे ही लोगों और अवसरवादी अन्य लोगों का पंजीयन निरस्त किया गया है। 36 हजार फ्राड असंगठित कर्मकारों का पंजीयन विभाग ने जांच-पड़ताल के बाद निरस्त कर दिया है। वहीं हजारों की संख्या में और छंटनी जारी है, जिनका पंजीयन जल्द ही निरस्त कर दिया जाएगा।

निर्माणी श्रमिकों और असंगठित कर्मकारों के हित में शासन ने कई योजना बनाई है, ताकि उनका जीवन स्तर उंचा उठ सके और पारिवारिक स्थिति में सुधार आ सके। इसलिए कई सामग्रियां जैसे सायकल, सिलाई मशीन, बीमा, पेंशन, सहायता राशि, अनुदान आदि का लाभ हितग्राहियों को शासन से मिल रहा था। नि:शुल्क में मिलने वाले इन लाभों को लेने के लिए शहर व ग्रामीण अंचल में रहने वाले हाईप्रोफाइल वर्ग के लोगों ने भी फर्जी तरीके से अपना पंजीयन करा रखा था।

कुछ लोगों ने इसकी शिकायत जब शासन से की, तो श्रम विभाग सक्रिय हुआ। फ्राड पंजीयन की पड़ताल की गई तो भारी संख्या में पंजीकृत हितग्राहियों का पंजीयन सामने आया। ऐसे फ्राड पंजीयन को तत्काल प्रभाव से श्रम विभाग ने निरस्त कर दिया है। इससे गलत ढंग से पंजीयन कराने वाले पंजीकृत असंगठित कर्मकारों में हड़कंप मच गया है।

36 हजार लोग नहीं आते असंगठित कर्मकार की श्रेणी में

धमतरी जिले के श्रम पदाधिकारी अजय हेमंत देशमुख ने बताया कि जिले में पहले 1 लाख 86 हजार असंगठित कर्मकारों का पंजीयन किया गया था। इसमें से कई फ्राड लोगों का पंजीयन था, जो अपात्र होते हुए भी शासकीय योजना का लाभ लेने अपना पंजीयन करा रखा था। विभाग ने जब जांच-पड़ताल की, तो जिले में पंजीकृत करीब 36 हजार पंजीयन फ्राड मिला, जो असंगठित कर्मकार के श्रेणी में नहीं आते। ऐसे लोगों का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

क्योंकि फ्राड पंजीयन के चलते जरूरतमंद असंगठित कर्मकारों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पा रहा था। श्रम पदाधिकारी देशमुख का कहना है कि आगे भी जांच-पड़ताल जारी है। कुछ फ्राड पंजीयन और मिलने की संभावना है, जिस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिले में 54 हजार निर्माणी श्रमिक है, इसमें भी कुछ के फ्राड होने की आशंका है। निर्माणी श्रमिक पंजीयनों की भी जल्द ही जांच की जाएगी।