गाड़ाडीह। नईदुनिया न्यूज

पाटन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोरम में नौ दिनों तक चैत्र नवरात्रि की धूम रही, लेकिन नवरात्रि के अंतिम दिन कुछ यूं हुआ कि लोग आश्चर्य में पड़ गए। पहली बार इस तरह की समस्या आने से सरपंच के प्रति लोगों में अक्रोश भी दिखा।

मामला रविवार को जोत जवारा विसर्जन का है। ग्राम सोरम में जवारा विसर्जन मजबूरी में सूखे तालाब में करना पड़ा। इस तरह शायद पहले कभी सुनने को न मिला हो, लेकिन यह सच है। जवारा विसर्जन के दौरान ग्रामीणों में आक्रोश इसलिए था कि ग्राम पंचायत द्वारा तालाब में पानी भरने किसी भी प्रकार का प्रयास नहीं किया गया।

तालाब में छोटा सा गड्ढा खोदकर पानी डालकर किया विसर्जन

तालाब में पानी ना देख ग्रामीण तालाब में ही छोटा सा गड्ढा खोद कर उसमें पास के पंप से पानी डलवाए, जिसके बाद जवारा विसर्जन किया गया। ग्रामीण शेषनारायण साहू, महेन्द्र यादव, लोकेश यादव, चमन नेताम, खुमान यादव, जितेन्द्र यादव, गौरव, आडिल, चेला पटेल, शत्रुहन पटेल, भानु कुर्रे, चेतन भारती ने कहा कि इस तरह के हालात पहली बार बने। तालाब खोदाई के नाम पर पानी खाली कर दिया गया और कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन रुपेश पांडे से बात करने पर कहा कि अभी आचार संहिता लगी हुई है। इस बारे में बात नहीं कर सकता।

राशि स्वीकृत, फिर निरस्त

तालाब का पानी नवंबर माह से ही मैंने खाली करवा दिया था, क्योंकि उक्त तालाब को मनरेगा के तहत गहरीकरण करवाया जाना प्रस्तावित था। राशि भी स्वीकृत हो गई थी। अचानक स्वीकृति निरस्त कर दी गई इसके कारण यह समस्या आई है।

- सविता चंदेल, सरपंच,